पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 112 करोड़ की रोड के लिए 30 किसानों ने दान की जमीन

112 करोड़ की रोड के लिए 30 किसानों ने दान की जमीन

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शिवपुरी लिंक रोड शीतला माता मंदिर, छीमक होकर डबरा जाने वाली निर्माणाधीन 52 किलोमीटर लंबी सड़क अब अमरौल होकर जाएगी। अमरौल के 30 किसानों ने स्वेच्छा से 5.50 मीटर के स्थान पर सात मीटर तक चौड़ी रोड बनाने के लिए स्वयं की भूमि बिना मुआवजा दान में दी है। किसानों से सहमति पत्र मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी ने रोड की नई ड्राइंग तैयार कर काम शुरू कर दिया है।

city initiative
डीबी स्टार. ग्वालियर

ग्वालियर में शिवपुरी लिंक रोड से शीतला माता मंदिर की तरफ से शुरू होने वाली इस रोड को पहले नहर के किनारे से निकाला जा रहा था क्योंकि अमरौल में सहमति नहीं बन पा रही थी। भू-अर्जन आदि की कार्रवाई से काम प्रभावित होता तथा रोड की लागत बढ़ जाती। जुलाई 2016 में रोड का काम शुरू हो गया। बाद में किसानों की पंचायत हुई और सभी ने सहमति दी कि रोड को अमरौल से ही निकलने दिया जाए ताकि गांव का विकास हो। इसके लिए उन्होंने स्वेच्छा से जमीन दान देने के लिए शपथ-पत्र सहमति के साथ तैयार करा पीडब्ल्यूडी को सौंप दिए।

अमरौल गांव होकर जाएगी शीतला-छीमक- डबरा रोड

सड़क निर्माण में लगीं पीडब्ल्यूडी की मशीनें।

तीन बार बदलेगी सड़क की चौड़ाई

कम्पू तिराहे से सात किलोमीटर दूर शिवपुरी लिंक रोड शीतला माता मंदिर के मोड़ से ये रोड शुरू हो रही है। यहां से छीमक तक ये सड़क सात मीटर चौड़ी बनेगी, उसके बाद डबरा तक 5.50 मीटर चौड़ी रहेगी। डबरा के अंदर चौराहे तक दो किलोमीटर ये रोड फोरलेन रहेगी। केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह ने केन्द्रीय भूतल-परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से पहले इसके लिए 85 करोड़ रुपए मंजूर कराए थे लेकिन बाद में रोड की लागत बढ़ने के बाद 26 करोड़ की सहमति और दिलाई। इस तरह रोड की लागत 112 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।

रोड़ को स्टेट हाईवे का मिला दर्जा

मध्य प्रदेश सरकार ने 24 सितंबर 2016 को जारी गजट नोटिफिकेशन में इस रोड को स्टेट हाईवे का दर्जा दे दिया। इससेे भितरवार, करैरा व वाया शिवपुरी रोड़ रोड़ का मिलान व मैंटीनेस आसान हो जाएगा। इस रोड़ से लगभग दो लाख लोगों को लाभ होगा। दूरी कम होने से डीजल व समय की बचत होगी। साथ ही आस-पास के गांव में खुशहाली आएगी।

अब अमरोल गांव की इस जमीन से होकर गुजरेगा स्टेट हाईवे।

जुलाई में शुरु हुआ था काम

इस सड़क का निर्माण जुलाई 2016 में शुरु हुआ था और जून 2018 तक इसे पूरा किया जाना है। अमरौल के बीच में सड़क न होने से ग्रामीणों को मुख्य मार्ग पर आने के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर गांव से बाहर आना पड़ता था अब उन्हें इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। दूसरे शहरों में जाने वाली बसें भी अब गांव से होकर निकलेंगी, जिससे यातायात में सुगमता रहेगी। स्टेट हाइवे निकलने से यहां खाने-पीने के सामान की बिक्री होगी, जिससे रोजगार भी बढ़ेगा।

सबका सहयोग जरुरी

नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री

मैंने इस काम के लिए 112 करोड़ मंजूर कराने के साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सड़क का काम तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए। तेजी से काम हो, इसमें सभी काे सहयोग करना चाहिए। इस सड़क के निर्माण से छीमक से डबरा तक के गांवों में खुशहाली आएगी।

विकास के लिए दी जगह

ज्ञानवर्धन मिश्रा, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी

स्टेट हाईवे 45 के निर्माण में सड़क पहले अमरौल गांव के बाहर से निकाल रहे थे लेकिन ग्रामीणों ने गांव के अंदर से सड़क निकालने के लिए अपनी सहमति से जमीन देने की बात कही। अब गांव से ही सड़क निकाली जाएगी। अमरौल गांव के सभी निवासी गांव के विकास में सहायक बन रहे हैं, यह अच्छी बात है।

खबरें और भी हैं...