अखिल भारतीय संत समिति हाड़ौती मंडल का नवनिर्वाचन गुरुवार को संपन्न हुआ। इसके बाद समिति के अन्य पदों पर पंचों ने पूर्व महामंत्री कमलदास के सहयोग व संविधान अनुसार गठन किया।
इनमें संरक्षक बृजेंद्रदास निर्मोही, निरंजननाथ महामंडलेश्वर, अवधेशदास को नियुक्त किया गया। उपाध्यक्ष सीतरामदास दुगारी, कोषाध्यक्ष महेंद्रदास नोताड़ा, संगठन मंत्री रामदास मुर्डियास्थल, प्रवक्ता रणजीतानंद रंगबाड़ी, प्रचारमंत्री भगवानदास, सचिव महामंत्री का दायित्व राधेबाबा निर्मोही को दिया। सहसचिव श्यामदास बड़ानयागांव को पदभार सौंपा गया। निर्वाचन के बाद पदाधिकारियों का शपथग्रह समारोह आयोजित किया। इसमें बृजेंद्रदास निर्मोही ने रामधाम आश्रम पर पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण महामंडलेश्वर अवधेशदास की अध्यक्षता में करवाया गया। सभा का संचालन मंडल के महंत महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास सीसवाली ने किया। पूर्व अध्यक्ष महंत हरिनारायणदास कोटावाले ने माला पहनाकर अपना पदभार नवनियुक्त अध्यक्ष रामनरेशदास को सौंपा। सभी निर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया गया। साथ ही संगठन राष्ट्रहित, धर्म, जीव, जन, व पर्यावरण हित में सदैव तत्परता से काम करने का निर्णय लिया गया।
देई। संत समिति के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित संत समाज।
भास्कर न्यूज | देई
अखिल भारतीय संत समिति हाड़ौती मंडल का नवनिर्वाचन गुरुवार को संपन्न हुआ। इसके बाद समिति के अन्य पदों पर पंचों ने पूर्व महामंत्री कमलदास के सहयोग व संविधान अनुसार गठन किया।
इनमें संरक्षक बृजेंद्रदास निर्मोही, निरंजननाथ महामंडलेश्वर, अवधेशदास को नियुक्त किया गया। उपाध्यक्ष सीतरामदास दुगारी, कोषाध्यक्ष महेंद्रदास नोताड़ा, संगठन मंत्री रामदास मुर्डियास्थल, प्रवक्ता रणजीतानंद रंगबाड़ी, प्रचारमंत्री भगवानदास, सचिव महामंत्री का दायित्व राधेबाबा निर्मोही को दिया। सहसचिव श्यामदास बड़ानयागांव को पदभार सौंपा गया। निर्वाचन के बाद पदाधिकारियों का शपथग्रह समारोह आयोजित किया। इसमें बृजेंद्रदास निर्मोही ने रामधाम आश्रम पर पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण महामंडलेश्वर अवधेशदास की अध्यक्षता में करवाया गया। सभा का संचालन मंडल के महंत महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास सीसवाली ने किया। पूर्व अध्यक्ष महंत हरिनारायणदास कोटावाले ने माला पहनाकर अपना पदभार नवनियुक्त अध्यक्ष रामनरेशदास को सौंपा। सभी निर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया गया। साथ ही संगठन राष्ट्रहित, धर्म, जीव, जन, व पर्यावरण हित में सदैव तत्परता से काम करने का निर्णय लिया गया।