हादसा|देईखेड़ा क्षेत्र के अाजंदा गांव में बिजली कटौती के दौरान हादसा, पर जिंदगी रुकी नहीं-आगे बढ़ी
क्षेत्र के आजंदा गांव में आखातीज के सावे में दो भाई-बहनों की शादी को लेकर पूरा परिवार खुशियां मना रहा था। सभी जरूरी तैयारी पूरी करने के साथ परिजन और रिश्तेदार दूल्हे की निकासी निकाल रहे थे। इस बीच मंगलवार देररात एक बजे कच्चे घर में अचानक आग लग गई, जिससे सब कुछ राख हो गया। पूरी रात बिजली गुल रही और अंधेरे में आगजनी के पीछे की वजह का किसी को कुछ पता नहीं चला। जैसे ही धुआं व आग की लपटें दिखी तो हाहाकार मच गया। हर कोई आग बुझाने के लिए हाथों में पानी की बाल्टियां लेकर दौड़ता नजर आया। दमकल व पुलिस भी मौके पर रात को ही पहुंच गई, लेकिन तब तक सबकुछ राख में तब्दील हो चुका था। दोनों भाई-बहन की शादी अमरपुरा में बुधवार रात को आयोजित गुर्जर समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुई जरूर, लेकिन खुशियां गायब थी। फेरे भी हुए, बेटे के लिए बहू भी आ गई, बेटी विदा भी कर दी गई, लेकिन सब कुछ बुझे मन से किया गया।
आजंदा निवासी जवाहरलाल गुर्जर के घर बेटे और बेटी की शादी थी। रात करीब 12 बजे दूल्हे रामसिंह की निकासी शुरू हुई थी। सभी रिश्तेदार, मोहल्लेवासी व परिजन निकासी में लगे थे। देर रात एक बजे मकान में से धुआं व आग की लपटें उठती दिखाई दी तो ग्रामीण व निकासी में शामिल लोगों ने तुरंत भागकर जलते हुए घर को बुझाने का प्रयास किया। साथ ही, फायर ब्रिगेड व पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन उनके पहुंचने तक नकदी, सोने-चांदी के जेवर, शादी के कपड़े, बिस्तर व खाने-पीने के सभी सामान आग की भेंट चढ़ चुके थे। घटना के बाद पीड़ित परिवार के लोगों की आंखों से रुलाई फूट पड़ी। पड़ोसियों-रिश्तेदारों ने उन्हें ढांढस बंधाया। बुधवार रात को बेटे रामसिंह के लिए दुल्हन लाकर पुत्री रामसिया को दूल्हे पक्ष के सुपुर्द किया गया।
दूल्हे की निकासी के दौरान आग से घर में सबकुछ राख
परिवार ने गम भुलाया, खुशी से बेटे-बेटी का ब्याह रचाया
भेड़-बकरियों को बेचकर जुटाया था शादी का खर्चा
देईखेड़ा. करीबी आजंदा गांव में रात को अचानक लगी आग में शादी वाले घर में सबकुछ जलने के बाद गमगीन बैठे पीड़ित दंंपती।.
भूमिहीन जवाहरलाल गुर्जर ने अपनी भेड़-बकरियों को बेचकर शादी के खर्च की व्यवस्था की गई थी, लेकिन सबकुछ आग की आगोश में चला गया। बचा तो सिर्फ राख का ढेर। जिसमें थका-हारा हुआ जवाहर जब राख में ढूंढने लगा तो उसे कुछ नहीं मिला। घटना के बाद रात को ही देईखेड़ा पुलिस ने आकर कार्रवाई की। बुधवार को सुबह हल्का पटवारी राजमल ने भी मौका रिपोर्ट तैयार कर प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी। ग्रामीण सत्यनारायण मीणा, महावीर बैरागी, पटेल नंदकिशोर, सरपंच राजेंद्र वाल्मीकि, वार्ड पंच रामस्वरूप, राजकुमार मीणा, सोनू राठौर ने बताया कि मंगलवार रात को बिजली चालू होती तो आग लगने का जल्दी पता चलता और समय पर आग को बुझाया जा सकता था।
हिम्मत की मिली दाद
जवाहर की कुछ महीने पहले 7 भेड़ें ट्रेन से कटकर मर गई। वे आजीविका में सहारा थी। अब इस हादसे के बाद भी रिश्तेदारों व ग्रामीणों के सहयोग से जवाहर ने हिम्मत नहीं हारी। दोनों बच्चों की शादी की रस्म पूरी कर दी। गांव व समाज में उसकी हिम्मत की सभी ओर से दाद मिली है। कहते रहे कि उसके धैर्य सब्र का कोई सानी नहीं।
आंखों देखी-नकासी न छोड़र घरां आयो तो घर मं आग की लपतां उठती दिखीं
घर के मुखिया जवाहरलाल गुर्जर ने बताया कि मंगलवार की रात मं घरां सूं बेटा की नकासी 12 बजयां शुरू होई, अर एक बजयां क पाछे लोगां न बताई-क थारा घरां तो आग लग गीए। गेला म ई नकासी न छोड़र घरां आयो तो घर मं आग की लपतां उठती दिखीं। घर हाली बेहोश हो ग्यी, अर छोरो भी घोड़ी प सूं उतर र आयो। रिश्तेदार अर गांव का मनख भागर आया। म्हारा साला रामलाल देवली न, अर सरपंच न दमकल अर थानां म फोन करयो। जद दमकल आई, आर आग बुझाई तो घर मं तो सब जल चुक्या छा। लोगां न हिम्मत बंधाई, जात-समाज का लोगां न अर ग्रामीणां न भी बिस्वास दवायो। थोड़ा दना फली ही 7 खोज गाडरा का रल गाड़ी म कट ग्याएया। भगवान की मर्जी छः, अब खी न दोष दयां। बेटो पड्यो लिख्यो छः जिसूं हिम्मत न हारी अर दोनी भाई-बहन पारणा दया।
-जैसा कि पीड़ित जवाहरलाल गुर्जर ने भास्कर को बताया
दोनों की शादी एक-दूसरे घर में आंट-सांट
जवाहरलाल का पुत्र रामसिंह बीए फाइनल कर रहा है। रामसिया मिडिल तक पढ़ी हैं। दोनों का संबंध गुहाटा गांव में किया गया है। रामसिंह की दुल्हन वहीं से आएगी, जबकि रामसिया भी बहु बनकर उसी घर में गई हैं। बेटे की उम्र 23 और बेटी 19 साल की बताई गई है।
दमकल कर्मियों व ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाने के बाद रात को ही घर से जले बचे सामानों को बाहर निकाला गया तो आंखें फटी की फटी रह गई। एक बक्से में रखे 50 हजार की नकदी, साढ़े 3 तोला-सोने व डेढ़ किलो वजन के चांदी के जेवर जल चुके थे। खाने में बने पकवान, राशन सामग्री, शादी के लिए खरीदे गए नए कपड़े, पहनने के कपड़े व मेहमानों के कपड़े, बैग आदि जलने से तकरीबन 3 लाख 50 हजार रुपए का सामान आग के हवाले हो गया।
आग से ये सामान जले
पहली बार हुई ऐसी घटना: आजंदा में हुई इस घटना के बारे में सरपंच राजेंद्र कुमार, पूर्व सरपंच जवानसिंह, ग्रामीण सत्यनारायण मीणा ने बताया कि इस प्रकार की ऐसे मौके पर यह पहली घटना है। पूर्व में ऐसी घटना अब तक नहीं हुई हैं।