सोलह श्रृंगार कर वट सवित्री की पूजा करने पहुंची
ज्येष्ट कृष्ण अमावस्या को महिलाओं ने वट सावित्री का व्रत रखकर सुहाग की लंबी उम्र की प्रार्थना की। लौह नगरी में बीएसपी सेंट्रल टाउनशिप स्ट्रीट-10, जैन मंदिर वार्ड 22 स्थित वट वृक्ष की वैदिक विधि विधान से पूजा की।
ममता शर्मा ने बताया कि इस व्रत को संपन्न कर सावित्री ने यमराज को हराकर अपने पति सत्यवान के प्राण की रक्षा की थी। इसलिए आदिकाल से ही सुहागिन महिलाएं वट सावित्री अमावस्या व्रत को करती है। महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक वट वृक्ष के जड़ में जल अर्पित करने के बाद वैदिक विधि विधान से पूजा कर सुहाग के सामान, मौसमी फल-फूल श्रीफल, धूप दीप अर्पित कर वट वृक्ष के बारह फेरे कच्चा धागा लपेटते हुए 108 फेरे वट वृक्ष का लगाया। इस अवसर पर राधा मिश्रा, मालती सिंह, मधु क्षत्रिय, लता कुलदीप, सीमा राजोरिया, ममता घराना, इन्दुलता सिन्हा, ज्योति चौधरी, कुसुम बैष्णव, शशि सिंह राजपूत, उमा ढ़ोले, रानी सिन्हा सहित महिलाओं ने पूजा की। पूजा करने पहुंची महिला राधा मिश्रा एवं मंजू शर्मा ने बताया कि सुहागन स्त्रियां वट सावित्री व्रत के दिन सोलह श्रृंगार करके सिंदूर, रोली, फूल, अक्षत, चना, फल और मिठाई से सावित्री, सत्यवान और यमराज की पूजा की।
दल्लीराजहरा. टाउनशिप में वट वृक्ष की पूजा करती महिलाएं।
वट वृक्ष पर लपेटा धागा कुमकुम, रोली भी चढ़ाए
डौंडीलोहारा|मंगलवार को नगर की महिलाओं ने शनि अमावस्या पर पति के दीर्घायु के लिए व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा की। नवविवाहिताओं ने भी पति के लिए वट सावित्री का व्रत रखा। कांग्रेस भवन के पास, संजय नगर, रामनगर सहित विभिन्न स्थानों पर वट वृक्ष की विधिवत पूजा कर कुमकुम, रोली, मौली, पुष्प, अक्षत, श्रीफल चढ़ाया। वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए धागा भी बांधा।
जल से वट वृक्ष को सींचकर तने के चारों ओर कच्चा धागा लपेटकर तीन बार परिक्रमा की। इसके बाद सत्यवान सावित्री की कथा सुनी। संगीता राजपूत, ममता शर्मा, अलका राजपूत, सुमन साहू, गुगेल, गुणमाला गायकवाड़, अंजना शर्मा मौजूद रही।