बीएसपी प्रबंधन ने टाउनशिप में अपनी संपत्तियों की सुरक्षा में लगाए सिक्युरिटी गार्ड्स की संख्या कम कर दी। अब तक 350 गार्ड ड्यूटी कर रहे हैं। नए टेंडर के बाद 150 गार्ड ही सुरक्षा में लगाए जाएंगे। इसे लेकर जिन 200 गार्ड की नौकरी खतरे में पड़ गई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सुरक्षा गार्ड कर्मचारी संघ के बैनर तले कैबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय से मिलकर अपनी बात रखी।
कैबिनेट मंत्री को सौंपे ज्ञापन में बताया गया कि बीएसपी टाउनशिप भिलाई, दल्ली राजहरा आदि के स्कूलों, एक्सपांशन बिल्डिंग, प्रशासनिक भवन, मैत्री बाग, पंप हाउस जैसे स्थानों में सुरक्षा के लिए प्राइवेट गार्ड लगाए गए हैं। वर्तमान में सुरक्षा गार्ड सप्लाई के लिए टेंडर प्रक्रिया में है। जिसमें 150 सुरक्षा गार्ड के लिए टेंडर बुलाया गया है। जबकि बीते 5-7 वर्षों से टाउनशिप के सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा लगभग 350 गार्ड कर रहे हैं। प्रबंधन के फैसले से करीब 200 गार्ड की सेवाएं समाप्त हो जाएगी। लिहाजा वर्तमान निविदा को निरस्त करते हुए संघ ने नए सिरे से पुराने सभी गार्डों को काम पर रखने के हिसाब से नया टेंडर जारी करने की मांग की है। अन्यथा कड़ा संघर्ष करने की चेतावनी दी। प्रतिनिधि मंडल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ दुबे, महामंत्री वाल्मिकी सिंह, केपी सिंह, डी मालकोंडेया, मनहरन चंद्राकर, वेंकट राव, विपिन सिंह, विष्णु चंद्राकर आदि शामिल थे।
सुरक्षा गार्ड कर्मचारी संघ के लोग।
टाउनशिप क्षेत्र की शांति खतरे में
इस फैसले से एक तरफ टाउनशिप के बंद पड़े अस्पताल, मेंटेनेंस आॅफिस, स्कूल भवन, सुनसान होकर जंगल झाड़ियों से भरे पड़े हैं, जहां शराबियों, जुआंरियों व अपराधियों के लिए सुरक्षित जगह बन गए हैं। अब सुरक्षा गार्डों को हटाकर प्रबंधन बाकी कसर पूरी करते हुए सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ टाउनशिप की शांति को खतरे में डाल रही है।