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अब बालोद और दल्ली की किसी भी सरकारी दुकान से राशन खरीद सकेंगे

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | बालोद/दल्लीराजहरा

सरकारी राशन दुकानों में खाद्यान्न आवंटन में होने वाली गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए जिले में अप्रैल से मेरी मर्जी योजना शुरू कर दी गई है। इस योजना में अब ग्राहक किसी भी सरकारी दुकान से राशन ले सकते हैं। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत जिले की दोनों नगर पालिका बालोद और दल्लीराजहरा से की गई है। बालोद के चार और दल्लीराजहरा के तीन राशन दुकानों में अब ग्राहक मेरी मर्जी योजना से ही राशन लेंगे।

अगर ग्राहक को किसी विक्रेता के व्यवहार से संतुष्टि नहीं है तो वह दूसरे दुकान जाकर राशन खरीद सकेगा। इस व्यवस्था से खाद्यान्न आवंटन और विक्रय में भी पारदर्शिता आएगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी शुरुआत में दोनों नगर पालिका के पूरे राशन दुकानों को मेरी मर्जी योजना से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए पहले से उपलब्ध टैबलेट में एक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जा रहा है। अन्य नगरीय निकाय अर्जुंदा, गुंडरदेही, गुरुर, डौंडीलोहारा, चिकलाकसा, डौंडी में भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

फिलहाल टैबलेट में आ रही नेटवर्किंग की समस्या इसलिए 7 दुकानों में नहीं हो पाई शुुरुआत

बालोद. नगर की राशन दुकानों में मेरी मर्जी योजना लागू हुई।

5 हजार से ज्यादा ग्राहकों को मिलेगा लाभ

नगर पालिका क्षेत्र की पीडीएस दुकानों में मेरी मर्जी योजना का लाभ 5 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा। पीडीएस हितग्राही किसी भी वार्ड के होंगे। वे अपने हिसाब से किसी भी दुकान से राशन उठा सकेंगे। योजना के तहत जो लोग आधार कार्ड नंबर उचित मूल्य की दुकानों में जमा नहीं करेंगे, वे राशन सामग्री प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।

राशन दुकानों को जो टैबलेट मिला है वह आई-बॉल कंपनी का है। जिसमें मेरी मर्जी योजना का सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने के बाद नेटवर्किंग की समस्या आ रही है। टैबलेट सॉफ्टवेयर को सपोर्ट नहीं कर रही। इस वजह से दल्ली में सिर्फ तीन दुकानों में योजना लागू हो पाई। सात दुकान में अभी भी योजना शुरू नहीं हो पाई है। दल्ली में कुल 10 राशन दुकानें हैं। जबकि बालोद के सभी चारों राशन दुकानों योजना शुरू हो चुकी है।

बाकी 6 निकायों में दो माह बाद योजना शुरू

जिला खाद्य अधिकारी केएस नाग ने बताया कि बालोद, दल्ली के बाद अन्य छह नगरीय निकायों में दो महीने बाद यह योजना लागू की जाएगी। अभी देख रहे हैं कि योजना में लोग कितना रुचि ले रहे हंै, इससे कितना प्रभाव पड़ा है। कुछ स्थानों पर नेटवर्किंग की समस्या आ रही है। नए टैबलेट खरीदने की भी तैयारी है।

बचे हुए राशन के आवंटन का हिसाब रखेंगे विक्रेता

मेरी मर्जी योजना में ग्राहक अपने मनपसंद दुकानदार के पास राशन ले सकेंगे। ऐसी स्थिति में अगर क्षेत्र में चार दुकान है और लोग 1-2 दुकान से ही राशन ले रहे हैं तो दो दुकानों में राशन का स्टॉक बचेगा, इसका हिसाब दुकानदार को रखना पड़ेगा। ताकि अगले महीने का बचे हुए आवंटन का मिलान करके ही राशन भेजा जाएगा। जिस दुकान से ज्यादा राशन बिका, वहां अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा। किसी दुकान में बिक्री क्यों कम हो रही है, इसका भी पता लगाया जाएगा। अगर पुष्टि होती है कि सामने वाला कोई गड़बड़ी कर रहा था, इस वजह से लोग वहां राशन नहीं ले रहे हैं तो राशन दुकान चला रही एजेंसी को हटाकर दूसरे को काम दिया जाएगा।

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