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500 निजी बसें थमीं, ट्रेनों व राजस्थान रोडवेज की बसों में दोगुनी भीड़, आधे यात्रियों को खड़े-खड़े ही करना पड़ा सफर

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | मंदसौर/गरोठ

किराया दरों में 40 फीसदी बढ़ोतरी की मांग को लेकर सोमवार को मंदसौर-नीमच के विभिन्न रूटों पर चलने वाली 500 यात्री बसों की हड़ताल रही। नेहरू बस स्टैंड व महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। घंटों इंतजार के बाद रेलवे स्टेशन पर कोई ट्रेन या बस स्टैंड पर राजस्थान रोडवेज बस की जैसे ही इंट्री होती ताे दूर से ही यात्री वाहन में चढ़ने की होड़़ मच जाती। यात्रियों को दोगुना सवार के बीच खड़े-खड़े सफर करना पड़ा। परिवहन विभाग के निर्देश पर मैजिक चालकों ने शहर सीमा से बढ़कर 15 से 20 किलोमीटर तक के दायरे की सवारियों की आवाजाही कराई ताकि लोगों को परेशानी ना रहे। इसी तरह ऑटो भी 10 किमी दूर तक की सवारियां ले गए। हालांंकि अंचल के पिपलियामंडी, मल्हारगढ़, दलौदा, नारायणगढ़, सीतामऊ, गरोठ से लेकर भानपुरा तक रहा हड़ताल का असर रहा, मैजिक व ऑटो चलने से कुछ राहत जरूर रही।

सोमवार को ट्रेनों पर करीब डेढ़ गुना तक ज्यादा यात्री निर्भर रहे। अप-डाउन में कुल 32 ट्रेनों की मंजूरी है, जिसमें से 20 का स्टॉपेज रहा। यहां रोज औसत 1800 टिकट की बिक्री होती, तुलना में सोमवार को 2250 टिकट बिके। कुल आय पौने 2 लाख रुपए से अधिक रही। बसों की हड़ताल की सूचना के मद्देनजर ट्रेनों में पहले से ही नीमच, रतलाम, इंदौर, भोपाल से लेकर राजस्थान के उदयपुर, भीलवाड़ा तक भीड़ के बीच खड़े-खड़े सफर करना पड़ा था। रेलवे स्टेशन मास्टर भगवतीप्रसाद ने बताया अन्य दिनों की तुलना में डेढ़ गुना तक ज्यादा टिकट सेल हुए।

हड़ताल के कारण इस तरह परेशान हुए लाेग

रोडवेज बस में खड़े होकर सफर को मजबूर शबाना बी।

20 ट्रेनों को रोज मंदसौर में स्टॉपेज

1800 टिकट रोज स्टेशन से बिकते

2450 बिके सोमवार को

भीड़ होने के कारण बाइक से रतलाम गए

मंदसौर के स्नेहनगर निवासी 72 वर्षीय सोहनलाल जैन सुबह 8 बजे से बस का इंतजार कर रहे थे। एक-एक कर रोडवेज की दो बसें उनके सामने से गुजर गईं। जैन कहते हैं गेट तक यात्रियों को खड़ा देख गर्मी में मेरी खड़े होकर सफर करने की हिम्मत नहीं हो पाई। दोपहर 12.00 बजे भीलवाड़ा -इंदौर रोडवेज आई तो पैर में तकलीफ के बारे में बताने पर कुछ युवाओं ने मुझे सीट पर जगह दी। इसी तरह लेबर कॉलोनी निवासी परमानंद पालड़िया ने बताया रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर सीमित साधन और खासी भीड़ होने के कारण बाइक से रतलाम जाने का निर्णय लेना पड़ा। गरोठ में भी असर दिखा। पुराने बस स्टैंड के किराना व्यापारी अजय फरक्या ने बताया बसों में ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक अन्य दिनों की अपेक्षा कम आए। शंभूलाल गुर्जर ने बताया रिश्तेदार के यहां कार्यक्रम में सोयत जाना था परंतु बसें ना चलने से गर्मी में बाइक पर जाना पड़ा।

बांसवाड़ा की बस के लिए सुबह 7 बजे से था इंतजार, 12 बजे मिली

‘बांसवाड़ा रिश्तेदारी में जाने के लिए सुबह 7 बजे किला रोड स्थित घर से नेहरू बस स्टैंड आई। रोडवेज की 2 बसें रूकी लेकिन पैर रखने तक की जगह नहीं थी। दोपहर 11.55 बजे गर्मी बढ़ी तो खचाखच भरी बस में चढ़ना चाहा लेकिन उसमें भी सीट नहीं मिली। टिकट के बाद भी खड़े-खड़े सफर करना पड़ेगा। यह पीड़ा मंदसौर के किला रोड निवासी शबाना बी ने सोमवार दोपहर बताई। पूरे 5 घंटे बाद भी बस में सीट नसीब ना होने पर उनका गुस्सा लाजमी था। ऐसी ही परेशानी अन्य लोगों को भी उठानी पड़ी।

आमदिनों में रोडवेज बसों के 350 टिकट बिकते थे, वहीं सोमवार को 980 बिके

नेहरू बस स्टैंड पर रोडवेज बस में सवारी उतरने से पहले ही स्थानीय लोग चढ़ने की जद्दोजहद करते हुए।

रोडवेज डिपाे के बुकिंग इंचार्ज नाहरसिंह ने बताया सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे के बीच रोडवेज की बसों का विभिन्न रूटों पर मंदसौर बस स्टैंड पर 14 बार का अप-डाउन रहा। प्रतिदिन औसत एक बस में 25 सवारी बैठती थी, इस तुलना में सोमवार को एक गाड़ी के मान से 70 टिकट तक बिके। कुल 14 गाड़ी के मान से एक दिन में जहां 350 टिकट बिकते थे, सोमवार को 980 टिकट बिके। अंचल के पिपलियामंडी, मल्हारगढ़, दलौदा, नारायणगढ़, सीतामऊ, गरोठ से लेकर भानपुरा हड़ताल का असर रहा। आरटीओ बरखा गौड़ ने बताया यात्री बसों के किराये को लेकर 10 फीसदी दरें बढ़त की मंजूरी मिलने की जानकारी आई है, अधिसूचना के बाद ही रूटवार स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जिले की सभी बसें आज से निर्धारित समय पर चलेंगी

शासन ने 10 फीसदी तक मंजूरी दी, ऐसा सुनने में आया है। अधिसूचना में स्पष्ट जानकारी आने पर कुछ कहा जा सकेगा। मंगलवार सुबह से जिले में सभी बसें पूर्ववत समय पर उपलब्ध रहेंगी। शिखर रातड़िया, अध्यक्ष मोटर मालिक संघ, मंदसौर

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