भास्कर संवाददाता | मंदसौर/ झालावाड़
महिला थाने में दहेज का सामान जमा कर लौट रहे दलौदा साईं पब्लिक स्कूल के संचालक, उनके पिता, स्पोर्टस टीचर व अभिभाषक पर अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियारों से प्राणघातक हमला कर दिया। भवानी मंडी बायपास पर हुई घटना में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। झालरापाटन अस्पताल में प्राथमिक उपचार हुआ। गंभीर अवस्था में चारों को पहले झालावाड़ फिर कोटा रैफर किया। मामले में फिलहाल किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ है।
स्पोर्ट्स टीचर इरफान पिता सिद्दीक हुसैन का विवाह झालावाड़ नला माेहल्ला निवासी शकीला पिता वाहिद खान से हुआ। 2 मई को शकीला ने झालावाड़ महिला थाने में दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया। यहां से मिले नोटिस के चलते सोमवार को स्कूल संचालक मोहसीन अख्तर (46), उनके पिता एडवोकेट मोहम्मद हनीफ (77), मंदसौर में मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट महेश भटनागर, सद्दाम पिता नाहर (27) स्पोर्टस टीचर इरफान के साथ दहेज का सामान जमा करने महिला थाने पहुंचे। सामान जमाकर सभी कार से वापस लौट रहे थे। कार सद्दाम चला रहा था। पास की सीट पर इरफान व पीछे की सीट पर एडवोकेट मोहम्मद हनीफ, एडवोकेट भटनागर व मोहसिन बैठे थे। दोपहर 2 बजे जैसे ही सभी भवानीमंडी बायपास पहुंचे। यहां पहले से मौजूद नकाबपोश बदमाशों ने हाॅकी, बैसबाॅल का बेट व तलवार से हमला कर दिया। घटना में हनीफ के हाथ, मोहसिन के सिर में गंभीर चोट आई। सद्दाम व इरफान भी घायल हुए। भटनागर को मामूल चोट आई। सभी का झालरापाटन में प्राथमिक उपचार हुआ। इसके बाद झालावाड़ फिर कोटा रैफर किया। जहां एडवोकेट हनीफ के हाथ का ऑपरेशन हुआ। कोतवाली एसआई भवानीसिंह ने बताया कि घायलों की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। उनके बयान लेने के लिए एसआई नानूराम को कोटा रवाना किया है। मंदसौर निवासी 4 लोगों पर हमला महिला थाने में 2 मई को दर्ज मामले में परिवादी पक्ष के लोगों द्वारा किया जाना बताया जा रहा है। जांच की जा रही है।
हमले के बाद खून से लथपथ अभिभाषक हनीफ।