पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • न बारदाना, न ही परिवहन, 9 दिन में कैसे होगी 6 हजार किसानों से खरीदी

न बारदाना, न ही परिवहन, 9 दिन में कैसे होगी 6 हजार किसानों से खरीदी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिले में चना, मसूर, सरसों और गेहूं की खरीदी को लेकर व्यवस्थाएं गड़बड़ा गईं हैं। मंडियों में चना मसूर और सरसों की खरीदी के लिए 9 दिन शेष रह गए हैं। एक साथ 6 हजार किसानों को एसएमएस कर दिए गए हैं। ऐसे में मंडियों में अव्यवस्थाएं हो गईं हैं। पथरिया और हटा में हालात बेकाबू हो गए हैं।

गेहूं और चना के लिए 2 हजार गठानों की जरुरत है, लेकिन जबलपुर से केवल दो सौ गठानें मिलीं हैं। इधर दमोह में गेहूं खरीदी को लेकर मारुताल के पास बरपटी में साइलो गेहूं खरीदी केंद्र पर एक साथ 40 सोसायटियों को गेहूं खरीदी के लिए जोड़ दिया गया है। यहां पर खुले आसमान तले गेहूं की खरीदी चल रही है। हर दिन 300 से ज्यादा ट्राली गेहूं पहुंच रहा है। सोमवार को साइलो केंद्र से आमचौपरा बाइपास तक करीब डेढ़ किमी तक ट्रैक्टर ट्रालियों की कतारें लगी थीं।

पहाड़ी पर बने इस केंद्र में 45 डिग्री सेल्सियश पर किसानों को छांव की कोई व्यवस्था नहीं हैं। यहां पर किसानों को दिन भर लू के थपेड़ों के साथ धूल भरी आंधी से परेशान होना पड़ रहा है। पेयजल के लिए मटके तो रखे हैं, लेकिन धूप में रखे होने के कारण उनका पानी ठंडा ही नहीं हो पा रहा है। रविवार को कमिश्नर मनोहर दुबे ने मंडी में पहुंचकर खरीदी का जायजा लिया था। सोमवार को कलेक्टर डॉ. विजय कुमार जे ने पथरिया, हटा और कृषि उपज मंडी दमोह में अधिकारियों को खरीदी का जायजा लेने भेजा।

साइलो केंद्र से आमचौपरा बायपास तक लगी थीं ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की कतारें

बारदाने का संकट : डिमांड 2 हजार गठानों की, मिलीं 200

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के 9 दिन शेष हैं और भंडारण के हालात बिगड़ गए हैं। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं के साथ चना, मसूर और सरसों की खरीदी भी चल रही है, लेकिन बारदाना की कमी मुसीबत बन गई है। नागरिक आपूर्ति निगम ने दो हजार गठानों की डिमांड की थी, लेकिन उसे 2 सौ गठानें जबलपुर से मिलीं हैं। बाकी के लिए सप्लाई नहीं हो पाई है। डिमांड पूरी न होने से परिवहन का काम अटक गया है। पथरिया मंडी में परिवहन न होने से खरीदी और तौल का काम प्रभावित हो रहा है।

भास्कर संवाददाता | दमोह

जिले में चना, मसूर, सरसों और गेहूं की खरीदी को लेकर व्यवस्थाएं गड़बड़ा गईं हैं। मंडियों में चना मसूर और सरसों की खरीदी के लिए 9 दिन शेष रह गए हैं। एक साथ 6 हजार किसानों को एसएमएस कर दिए गए हैं। ऐसे में मंडियों में अव्यवस्थाएं हो गईं हैं। पथरिया और हटा में हालात बेकाबू हो गए हैं।

गेहूं और चना के लिए 2 हजार गठानों की जरुरत है, लेकिन जबलपुर से केवल दो सौ गठानें मिलीं हैं। इधर दमोह में गेहूं खरीदी को लेकर मारुताल के पास बरपटी में साइलो गेहूं खरीदी केंद्र पर एक साथ 40 सोसायटियों को गेहूं खरीदी के लिए जोड़ दिया गया है। यहां पर खुले आसमान तले गेहूं की खरीदी चल रही है। हर दिन 300 से ज्यादा ट्राली गेहूं पहुंच रहा है। सोमवार को साइलो केंद्र से आमचौपरा बाइपास तक करीब डेढ़ किमी तक ट्रैक्टर ट्रालियों की कतारें लगी थीं।

पहाड़ी पर बने इस केंद्र में 45 डिग्री सेल्सियश पर किसानों को छांव की कोई व्यवस्था नहीं हैं। यहां पर किसानों को दिन भर लू के थपेड़ों के साथ धूल भरी आंधी से परेशान होना पड़ रहा है। पेयजल के लिए मटके तो रखे हैं, लेकिन धूप में रखे होने के कारण उनका पानी ठंडा ही नहीं हो पा रहा है। रविवार को कमिश्नर मनोहर दुबे ने मंडी में पहुंचकर खरीदी का जायजा लिया था। सोमवार को कलेक्टर डॉ. विजय कुमार जे ने पथरिया, हटा और कृषि उपज मंडी दमोह में अधिकारियों को खरीदी का जायजा लेने भेजा।

पथरिया, हटा में बारदाना की कमी और परिवहन न होने से व्यवस्थाएं गड़बड़ाईं

अब तक 22 हजार मैट्रिक टन की खरीदी हुई: साइलो केंद्र के मैनेजर अर्पित दुबे ने बताया कि यहां पर 50 हजार मैट्रिक टन गेहूं रखने की क्षमता है। वर्तमान में 22 हजार मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। गेहूं की क्वालिटी की जांच के लिए 4 सर्वेयर रखे हुए हैं। 1 सर्वेयर सेंपल मशीन पर रहता है।

खबरें और भी हैं...