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फैसला: चेक बाउंस के मामले में छह माह का कारावास

3 वर्ष पहले
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परिवादी को 1 लाख 6 हजार 200 रुपए प्रतिकर स्वरूप अदा करने का आदेश पारित

भास्कर संवाददाता|दमोह

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवराज सिंह गवली के न्यायालय में चैक बाउंस के मामले सजा सुनाई गई है। प्रकरण में परिवादी एवं एडवोकेट प्रदीप राय की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता अजय सुरेका, सत्य तिवारी एवं सुमित अरेले ने बताया कि आरोपी गोविंद प्रसाद उर्फ राधे खटीक विरूद्ध धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत यह अभियोग है कि उसने 23 अप्रेल 2016 को बकरे के व्यवसाय के लिए 90 हजार रुपए उधार लिया था जिसके भुगतान के एवज में उसको 16 मई 2016 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सिटी ब्रांच दमोह मतें चेक दिया था जो परिवादी द्वारा स्टेट बैंक आॅफ इंडिया कृषि विकास शाखा दमोह में अपने खाते में भुगतान के लिए प्रस्तुत किए जाने पर यूको बैंक द्वारा अपर्याप्त राशि की टीप के साथ 17 मई 2016 को अनादरित होकर परिवादी को वापस प्राप्त हुआ। प्रकरण को न्यायालय में पेश किया गया। जिसकी सुनवाई के बाद परिवादी को आर्थिक एवं मानसिक क्षति मानते हुए आरोपी को धारा 138 के आरोप में छह माह के सश्रम कारावास से दंडित किया गया। एवं चैक राशि का 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर अधिरोपित कर आदेशित किया गया कि आरोपी 1 लाख 6 हजार 200 रुपए परिवादी को अदा किए जाने का आदेश पारित किया। राशि अदा नहीं करने की दशा में 3 माह के अतिरिक्त साधारण कारावास से दंडित किए जाने एवं क्षतिपूर्ति की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की जाने का आदेश पारित किया गया। प्रकरण में अभियुक्त की ओर से पैरवी अधिवक्ता अनुनय श्रीवास्तव एवं शिवांश खरे ने की।

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