शिक्षकों की विभागीय समस्याओं के निराकरण के लिए शुक्रवार को एक्सीलेंस स्कूल में लगाया गया शिविर फ्लॉप रहा। शिविर में करीब 1500 से अधिक शिक्षकों को पहुंचना था, लेकिन सूचना न मिलने के कारण मात्र 35 से 40 शिक्षक ही यहां पहुंचे। जबकि यहां पर अधिकारियों की संख्या अधिक रही।
प्रत्येक संकुल केंद्र प्राचार्य, बीआरसी, बीएसी, जनशिक्षक मौजूद थे, लेकिन कमरे खाली पड़े थे। कई संकुल केंद्रों में तो एक भी शिक्षक नहीं पहुंचा। परेशानी की बात यह थी कि शिविर की सूचना शिक्षकों को वाट्सअप पर दी गई। जिससे कई को इसकी जानकारी ही नहीं पाई। जेपीबी, एमएलबी जनशिक्षा केंद्रों में तो एक भी शिक्षक नहीं पहुंचा था।
गौरतलब है कि शासन द्वारा स्थापना संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए 18 मई को पूरे प्रदेश में ब्लॉक स्तरीय परिवेदना निवारण शिविर आयोजित किए जाने के निर्देश दिए गए थे। जिसमें सभी शिक्षकों को शिविर में उपस्थित होकर विभागीय समस्याओं के संबंध में शिकायत की जानी थी। इस संबंध में शिविर प्रभारी श्री रविदास ने बताया कि सभी शिक्षकों को वाट्एसप के माध्यम से सूचना दे दी गई थी, करीब 1500 शिक्षकों को पहुंचना था लेकिन नहीं आए। हालांकि जिन्हें अपनी समस्या रखनी थी उन्हीं हीं आना था। वर्तमान में भीषण गर्मी के चलते भी शिक्षक नहीं आए पाए।
मैं अवकाश पर था फिर भी वेतन काट दिया: इमलियाघाट संकुल केंद्र के पटना बुजुर्ग स्कूल में पदस्थ शिक्षक धर्मेंद्र राय ने अपनी शिकायत में बताया कि बीते माह अधिकारियों ने स्कूल का निरीक्षण किया था। उस समय मैं अवकाश पर था, फिर भी मुझे अनुपस्थित बताकर मेरा वेतन काट लिया गया। हिंडोरिया के एक शिक्षक ने कहा कि मुझे गांव में मकान बनाना है, इसलिए होम लोन दिलवा दो। एक शिक्षक ने शिकायत में बताया कि मुझे गांव में जाने से अच्छा नहीं लगता, इसलिए मुझे शहरी क्षेत्र में पदस्थ किया जाए। शिविर में कुल 34 समस्याएं दर्ज की गईं।
दमोह। प्राचार्य को अपनी समस्याएं बताते शिक्षक।
इन शिकायतों का होना था निराकरण
वरिष्ठता निर्धारण, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति, वरिष्ठ वेतनमान, वेतन संबंधी समस्या, वेतन वृद्धि, अंशदान कटौत्री, अवकाश संबंधी समस्या, सामान्य भविष्य निधि, गोपनीय चरित्रावली संबंधी शिकायतें की जानी थी। अधिकारियों को इन सभी शिकायतों को ऑनलाइन कर भोपाल भेजा जाना था, ताकि समस्याओं का समय पर निराकरण हो सके, लेकिन सूचना न मिलने के कारण अधिकांश शिक्षक यहां नहीं पहुंचे।