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जुझारघाट से सीधे फिल्टर प्लांट पहुंचने लगा पानी, लेकिन दो दिन में छह बार आया फाल्ट
अब तक जुझारघाट से राजनगर पहुंचने वाला पानी अब सीधे दमोह शहर के नए फिल्टर प्लांट पर पहुंचने लगा है। दो दिन पहले ही जुझारघाट से सीधी पानी की सप्लाई दमोह शहर के लिए हो गई है। 24 घंटे जुझारघाट से 20 इंच मोटी पाइप लाइन के जरिए पानी सीधे शहर के फिल्टर प्लांट पहुंच रहा है, मगर बार-बार बिजली गुल होने से पानी की सप्लाई प्रभावित हाे रही है, क्याेंकि नए फिल्टर प्लांट का बिजली कनेक्शन एमपीईबी की ओर से अब तक सेपरेट नहीं किया गया है।
सप्लाई लाइन से ही हिंडोरिया और बांदकपुर की लाइन जुड़ी हुई है। जब भी कोई फाल्ट बांदकपुर और हिंडोरिया में अाता है, प्लांट बंद हो जाते हैं। खास बात यह है कि नपा विद्युत वितरण कंपनी को राशि का भुगतान कर चुकी है, मगर अधिकारियों ने कनेक्शन सेपरेट नहीं किया है।
दरअसल अब तक जुझारघाट का पानी राजनगर तालाब में डाला जाता था, वहां से पानी फिल्टर प्लांट पहुंचाया जाता है। इस प्रक्रिया में लंबा समय लगता था। पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता था। जबकि डबल-डबल बिजली का खर्च होता था। लेकिन प्लांट तक नई लाइन की कनेक्टिवटी न होने की वजह से सीधी लाइन नहीं जुड़ पा रही थी।
मंगलवार को नपा के इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी ने व्यारमा नदी के जुझारघाट से आने वाला पानी की पाइप लाइन सीधे शहर के फिल्टर प्लांट तक जोड़ दी। जिससे दो दिन से तेज रफ्तार के साथ शहर पानी पहुंच रहा है। यहां पर पदस्थ चौकीदार ने बताया कि जुझारघाट में तीन पंप स्थापित किए गए हैं, जिन्हें 24 घंटे चलाया जा रहा है और घाट का पानी सीधे दमोह पहुंच रहा है। उसने बताया कि बार-बार बिजली गुल होने से समस्या हो रही है।
बांदकपुर और हिंडोरिया की सप्लाई लाइन से जुड़ा है जुझारघाट का कनेक्शन
दमोह। जुझारघाट में नहाते बच्चे।
भास्कर संवाददाता | दमोह
अब तक जुझारघाट से राजनगर पहुंचने वाला पानी अब सीधे दमोह शहर के नए फिल्टर प्लांट पर पहुंचने लगा है। दो दिन पहले ही जुझारघाट से सीधी पानी की सप्लाई दमोह शहर के लिए हो गई है। 24 घंटे जुझारघाट से 20 इंच मोटी पाइप लाइन के जरिए पानी सीधे शहर के फिल्टर प्लांट पहुंच रहा है, मगर बार-बार बिजली गुल होने से पानी की सप्लाई प्रभावित हाे रही है, क्याेंकि नए फिल्टर प्लांट का बिजली कनेक्शन एमपीईबी की ओर से अब तक सेपरेट नहीं किया गया है।
सप्लाई लाइन से ही हिंडोरिया और बांदकपुर की लाइन जुड़ी हुई है। जब भी कोई फाल्ट बांदकपुर और हिंडोरिया में अाता है, प्लांट बंद हो जाते हैं। खास बात यह है कि नपा विद्युत वितरण कंपनी को राशि का भुगतान कर चुकी है, मगर अधिकारियों ने कनेक्शन सेपरेट नहीं किया है।
दरअसल अब तक जुझारघाट का पानी राजनगर तालाब में डाला जाता था, वहां से पानी फिल्टर प्लांट पहुंचाया जाता है। इस प्रक्रिया में लंबा समय लगता था। पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता था। जबकि डबल-डबल बिजली का खर्च होता था। लेकिन प्लांट तक नई लाइन की कनेक्टिवटी न होने की वजह से सीधी लाइन नहीं जुड़ पा रही थी।
मंगलवार को नपा के इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी ने व्यारमा नदी के जुझारघाट से आने वाला पानी की पाइप लाइन सीधे शहर के फिल्टर प्लांट तक जोड़ दी। जिससे दो दिन से तेज रफ्तार के साथ शहर पानी पहुंच रहा है। यहां पर पदस्थ चौकीदार ने बताया कि जुझारघाट में तीन पंप स्थापित किए गए हैं, जिन्हें 24 घंटे चलाया जा रहा है और घाट का पानी सीधे दमोह पहुंच रहा है। उसने बताया कि बार-बार बिजली गुल होने से समस्या हो रही है।
दमोह। जुझारघाट पर लगे पानी की तीन पंप।
जुझारघाट से पानी दमोह पहुंचाने के लिए 350-350 हार्स पावर के 3 नए पंप रखे गए हैं
जुझारघाट से पानी दमोह पहुंचाने के लिए 350-350 हार्स पावर के तीन नए पंप रखे गए हैं। इसके लिए विद्युत वितरण कंपनी से एक करोड़ रुपए जमा करके 33 केवी का सीधा कनेक्शन लिया गया है, लेकिन यह कनेक्शन अभी तक सेपरेट नहीं किया गया है।
इस कनेक्शन से हिंडोरिया और बांदकपुर की सप्लाई जुड़ी हुई है। ऐसे हालात में लोड बढ़ते ही फाल्ट आ जाता है और सप्लाई लाइन बाधित हो जाती है। पिछले दो दिन में छह से ज्यादा बार लाइन में फाल्ट आ चुका है, जिससे कुछ समय पाइप लाइन की सप्लाई प्रभावित हुई। निर्माण एजेंसी के साइड प्रभारी पीताम्बर बोड्रे ने बताया कि सप्लाई लाइन सीधी हो गई है, लेकिन बिजली की सप्लाई परेशान कर रही है। जब तक जुझारघाट का कनेक्शन सेपरेट नहीं होता, तब तक समस्या का समाधान नहीं हो सकता।