पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • नए कानून का विरोध: चालक परिचालक ने किया काम बंद, हड़ताल पर गए, सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक नहीं चलीं बसें

नए कानून का विरोध: चालक परिचालक ने किया काम बंद, हड़ताल पर गए, सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक नहीं चलीं बसें

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दमोह। चालक परिचालकों की हड़ताल से बसें स्टैंड पर खडी़ रहीं।

ग्रामीण अंचलों से दमोह पढ़ने आने वाले छात्र छात्राएं ऑटो निजी वाहनों से पहुंचे

भास्कर संवाददाता | दमोह

मप्र परिवहन चालक परिचालक यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को काम बंद रखकर बस स्टैंड परिसर में धरना प्रदर्शन किया।

चालक परिचालक की हड़ताल से बसों का संचालन बंद रहा। सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक बसों का संचालन बंद रखा गया। जिसमें बस यूनियन द्वारा भी समर्थन किया गया। शाम को चालक परिचालक ने धरना स्थल पहुंचे नायब तहसीलदार मुकेश जैन को अपनी मांगों का ज्ञापन कलेक्टर के नाम सौंपा।

उधर बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों सहित छात्र छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑटो व निजी वाहनों से लोग गंतव्य तक पहुंचे। छात्र छात्राएं स्कूल कॉलेज निजी वाहनों व किराए के वाहनों से दमोह आए शाम को स्कूल की छुट्‌टी के बाद ऑटो से घर के लिए पहुंचे। ग्राम भूरी से दमोह पढ़ाई करने आने वाले छात्र अमन लोधी, अभिषेक लोधी, राहुल लोधी, मोहन आदि ने बताया कि गांव से ऑटो से दमोह आए थे और शाम को भी ऑटो से ही गांव लौट रहे हैं।

रोजाना बस से आते थे लेकिन आज बसें बंद होने से ऑटो से जाना पड़ रहा है। इसी प्रकार अन्य यात्री भी परेशान रहे।

ये मांगे हैं चालक परिचालक यूनियन की

यूनियन के सचिव मुश्ताक अली ने बताया कि यूनियन की मुख्य मांगों में प्रस्तावित मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन विधेयक वापस लो, मोटर वर्क्स एक्ट 1961 का सख्ती से पालन कराओ। ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में लगे कर्मचारियों को 18 हजार रुपए न्यूनतम वेतन दो। सभी ड्राइवर्स कंडक्टर्स क्लीनर्स को नियुक्त पत्र व पहचान पत्र दो। फंड, ग्रेच्युटी पेंशन सहित तमाम कल्याण योजनाओं का लाभ दो। बड़ी बड़ी देशी व विदेशी कंपनियों को ट्रांसपोर्ट उद्योग से रोको तथा छोटे मझोले ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों को संरक्षण दो। पेट्रोल डीजल पर केंद्र व राज्य सरकारें टैक्स कम करें तथा इन्हें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराएं। बीमा लायसेंस, नवीनीकरण फिटनेस की बढ़ी दरें वापस लो। नए कानून बनने के बाद कंडक्टर्स पद समाप्त हो जाएगा अत: ये समाप्त नहीं की जावे। ड्राइवर्स के जो पुराने लाइसेंस पूर्व से चले आ रहे हैं उन्हें ही मान्यता दी जावे।

खबरें और भी हैं...