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तीन जगह चल रही पालिका, एक करोड़ से बना भवन शोपीस

3 वर्ष पहले
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एक करोड़ की लागत से बना नवनिर्मित नगर पालिका कार्यालय बीते तीन माह शोपीस बनकर रह गया है। फर्नीचर के अभाव यह भवन चालू नहीं हो पा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि फर्नीचर के लिए अभी तक नगर पालिका ने किसी एजेंसी भी तय नहीं की है। ऐसे में अभी इस भवन को चालू होने में दो से तीन माह का समय और लग सकता है।

दरअसल वर्तमान में नगर पालिका का मुख्य कार्यालय स्टेशन रोड स्थित 148 साल पुरानी धर्मशाला भवन में संचालित है। जहां पर जगह की कमी के कारण कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है। यहां के राजस्व विभाग, पेंशन शाखा, विवाह पंजीयन, जल विभाग, विकास कार्यालय के कमरे इतने छोटे-छोटे हैं कि उनमें वह केवल टेबल रखने से ही भर जाते हैं। ऐसे में अपने विभिन्न कामों के लिए आने वाले आम लोगों को खड़े रहने के लिए भी जगह नहीं रहती। इसी परेशानी को देखते हुए इसी भवन के पीछे ढोर बाजार की खाली पड़ी जगह पर एक करोड़ की लागत से नवनिर्मित भवन बनाया जा रहा है। जहां पर नगर पालिका के सभी कार्यालयों को शिफ्ट किया जाना है, लेकिन मात्र फर्नीचर की कमी के कारण नवनिर्मित भवन में कार्यालय चालू नहीं हो पा रहा है। गौरतलब है कि नगर पालिका के नवनिर्मित भवन में सभी कार्यालय एक ही जगह शिफ्ट होना है। जहां पर अलग-अलग काउंटर भी बनाए जाएंगे।

जल्द चालू होगा फर्नीचर का काम: कपिल खरे, सीएमओ का कहना है कि यह बात सही है कि नवनिर्मित भवन फर्नीचर के कारण चालू नहीं हो पा रहा है। जल्द ही फर्नीचर के लिए एजेंसी तय की जाएगी। अभी दो माह का समय लग सकता है।

तीन अलग-अलग जगह भटकते हैं लोग
वर्तमान में नगर पालिका कार्यालय तीन अलग-अलग जगह संचालित होता है। नगर पालिका टाउन हाल में सफाई विभाग व अमृत योजना का कार्यालय संचालित है। इसी तरह किल्लाई नाका स्थित महिला बसती गृह में बिजली विभाग कार्यालय, पीएम आवास का कार्यालय है। वहीं स्टेशन रोड स्थित धर्मशाला में मुख्य कार्यालय हैं। ऐसे में अपने विभिन्न कामों से आने वाले लोगों को अलग-अलग कार्यालयों में जाकर भटकना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। धरमपुरा निवासी सियारानी बंशल, रूपरानी बंशल ने बताया कि उन्हें पीएम आवास की जानकारी लेना थी। जब वह मुख्य कार्यालय गई तो बताया गया कि महिला बसती गृह जाओ। इस तरह उन्हें दूसरे कार्यालय में आने-जाने में काफी परेशानी हुई।

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