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चौराहों पर लगने वाले कैमरों से 60 से 120 मीटर की दूर तक रहेगी नजर

3 वर्ष पहले
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शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम एक बार फिर शुरू हो गया है। हालही में जबलपुर नाका, किल्लाई नाका, जेल तिराहा सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर कैमरे लगाने जा चुके हैं, जिनकी इंस्टालेशन का काम किया जा रहा है।

इसके बाद आगे के चौराहों पर काम चालू होगा। वहीं दूसरी ओर नए पुलिस कंट्रोल रूम में भी स्क्रीन तैयार हो चुकी है। गौरतलब है कि शहर के 30 चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाना है। पहले यह काम जनवरी-फरवरी तक पूर्ण होना था, लेकिन नए कंट्रोल रूम में नया ट्रांसफार्मर न लगने के कारण इसका काम अटक गया था। हालही में ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है, जिसके बाद कैमरे लगाने का काम भी चालू हो गया है। कैमरे लगने के बाद हर गतिविधि एवं घटना कैमरों में कैद होकर उसे पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचाने का कार्य करेगी। इससे न केवल आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, साथ ही मनचलों पर भी हरकतों पर भी नजर रखी जाएगी। कैमरे लगाने का काम हनीवेल ऑटोमेशन इंडिया लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

हनीवेल ऑटोमेशन कैमरा भी लगाया जाएगा

जानकारी के अनुसार शहर के 30 चौराहों पर 120 फिक्स कैमरे लगाए जाएंगे। जो 60 मीटर के क्षेत्र को कवर करेगा। इसके अलावा प्रत्येक चौराहे पर एक-एक पीटीएड कैमरा भी लगाए जाएंगे। जो राउंड में घूमकर 120 मीटर कवरेज करेंगे। इसके अलावा एक-एक हनीवेल ऑटोमेशन कैमरा भी लगाया जाएगा। कंपनी के इंजीनियर आदिल खान ने बताया कि यह सीसीटीवी कैमरों से दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी एक-एक पल निगरानी होती रहेगी। शहर में ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं जिनसे रात की तस्वीर भी अच्छे से आ सकेगी।

वाहन के नंबर प्लेट पर रखेंगे नजर

कंपनी के इंजीनियरों ने बताया कि पीटीजेड व फिक्स कैमरों के साथ-साथ प्रत्येक विशेष किस्म के एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिक्वीनेशन) कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। वाहनों के नंबर प्लेट को आसानी से पड़कर डेटावेस में लोड नंबरों से मेच करवाकर अपराधियों को पकड़ने में सहायता प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि भले ही वाहन कितनी ही स्पीड से निकले, लेकिन इन कैमरों को स्लोमशन मोड पर लेकर किसी भी वाहन के नंबर आसानी से ट्रेस हो जाएंगे। यदि कोई अपराधिक मुंह बांधकर भी भागता है तो उसका गाड़ी नंबर तुरंत पकड़ में आ जाएगा।

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