मैं सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूर कराने के लिए सात बार यहां पर आया। मगर मुझे निराशा ही हाथ लगी। वन विभाग के चलते यह मुमकिन नहीं हो रहा था।
एक दिन में रात को सोेच में पड़ गया जिस क्षेत्र का मैं प्रतिनिधित्व करता हूं, वहां पर इतनी गरीबी है, किसानों के खेतों में पानी नहीं है। फिर मैंने कसम खाई और तय किया 70 करोड़ रुपए वन विभाग को देंगे। कई बैठकों का दौर चला और अंत में केंद्र और राज्य सरकार ने इसे मंजूरी मिल गई, इस परियोजना से क्षेत्र में हरियाली आएगी और कभी पानी की कमी नहीं पड़ेगी। यह बात दमोह विधायक और वित्तमंत्री जयंत मलैया ने रविवार को ग्राम अधरौटा में सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना का रविवार को भूमिपूजन के दौरान कही। कार्यक्रम की अध्यक्ष सांसद प्रहलाद पटेल ने की।
सिंचाई के साथ-साथ पेयजल भी होगा
वित्तमंत्री ने कहा जब में सिंचाई मंत्री बना तो कांग्रेस के समय में मध्यप्रदेश की योजनाएं ही मंजूर नहीं होती थीं, मगर केंद्र में हमारी सरकार होने से हमें यह उपलब्धि मिली। उन्होंने बताया कि 3 अरब 15 करोड़ 65 लाख रुपए की इस सतधरू परियोजना से 65 गांवों में पानी जाएगा। इसके अलावा टैंक बनाकर 100 गांव की पेयजल योजना भी बनाई है। कभी इमरजेंसी होने पर पेयजल के लिए शहर में भी पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सीतानगर में भी सिंचाई के लिए कार्ययोजना मंजूर होने की स्थिति में पहुंच गई है। कैबिनेट से मंजूर होने के बाद इसका टेंडर होगा और काम चालू हो जाएगा। कार्यक्रम में पथरिया विधायक लखन पटेल, जिलाध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव, राजेंद्र गुरू, डॉ. सुधा मलैया, शिवचरण पटेल, मालती असाटी, कलेक्टर विजय कुमार जे, एसपी विवेक अग्रवाल, रमन खत्री, मनीष तिवारी, राजकुमार जैन, मांेटी रैकवार सहित अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बुंदेली गायक जित्तू खरे ने एक से बड़कर एक लोकगीत की प्रस्तुतिया दीं। ग्रामीणों की भीड़ जमकर आनंद लिया।
मैंने कसम खाई कि कभी पानी की कमी नहीं होने देंगे: वित्तमंत्री
परियोजना को मंजूर कराने में मेरा भी प्रयास रहा
इससे पहले कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद प्रहलाद पटेल ने कहा कि पहलेे मंत्री मलैया जी विभागीय मंत्री होने के बाद भी इस परियोजना को मंजूरी नहीं दिला पाए। इस योजना को मंजूरी दिलाने में मेरा भी प्रयास है। उन्हांेने कहा कि देश में यदि नरेंद्र मोदी की सरकार नहीं होती तो यह किसी भी कीमत पर संभव नहीं हो पाता। उन्हाेंने कहा बिना पानी के कुछ नहीं हो सकता। जमीन अच्छी है, लेकिन पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कभी भी उन्नति होती है, तो जीवन को कभी सफल मत बनाना, जीवन को साधक बनाना। साधक बनने से ही जीवन सार्थक होता है।
भास्कर संवाददाता| दमोह
मैं सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूर कराने के लिए सात बार यहां पर आया। मगर मुझे निराशा ही हाथ लगी। वन विभाग के चलते यह मुमकिन नहीं हो रहा था।
एक दिन में रात को सोेच में पड़ गया जिस क्षेत्र का मैं प्रतिनिधित्व करता हूं, वहां पर इतनी गरीबी है, किसानों के खेतों में पानी नहीं है। फिर मैंने कसम खाई और तय किया 70 करोड़ रुपए वन विभाग को देंगे। कई बैठकों का दौर चला और अंत में केंद्र और राज्य सरकार ने इसे मंजूरी मिल गई, इस परियोजना से क्षेत्र में हरियाली आएगी और कभी पानी की कमी नहीं पड़ेगी। यह बात दमोह विधायक और वित्तमंत्री जयंत मलैया ने रविवार को ग्राम अधरौटा में सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना का रविवार को भूमिपूजन के दौरान कही। कार्यक्रम की अध्यक्ष सांसद प्रहलाद पटेल ने की।
सिंचाई के साथ-साथ पेयजल भी होगा
वित्तमंत्री ने कहा जब में सिंचाई मंत्री बना तो कांग्रेस के समय में मध्यप्रदेश की योजनाएं ही मंजूर नहीं होती थीं, मगर केंद्र में हमारी सरकार होने से हमें यह उपलब्धि मिली। उन्होंने बताया कि 3 अरब 15 करोड़ 65 लाख रुपए की इस सतधरू परियोजना से 65 गांवों में पानी जाएगा। इसके अलावा टैंक बनाकर 100 गांव की पेयजल योजना भी बनाई है। कभी इमरजेंसी होने पर पेयजल के लिए शहर में भी पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सीतानगर में भी सिंचाई के लिए कार्ययोजना मंजूर होने की स्थिति में पहुंच गई है। कैबिनेट से मंजूर होने के बाद इसका टेंडर होगा और काम चालू हो जाएगा। कार्यक्रम में पथरिया विधायक लखन पटेल, जिलाध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव, राजेंद्र गुरू, डॉ. सुधा मलैया, शिवचरण पटेल, मालती असाटी, कलेक्टर विजय कुमार जे, एसपी विवेक अग्रवाल, रमन खत्री, मनीष तिवारी, राजकुमार जैन, मांेटी रैकवार सहित अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बुंदेली गायक जित्तू खरे ने एक से बड़कर एक लोकगीत की प्रस्तुतिया दीं। ग्रामीणों की भीड़ जमकर आनंद लिया।
जून 19 तक डेम बनकर तैयार हो जाएगा : इससे पहले ईई आरसी तिवारी ने परियोजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 30 करोड़ रुपए भू अर्जन के लिए और 90 करोड़ रुपए वन विभाग के लिए दिया है। 315 करोड़ 65 लाख रुपए की इस परियोजना में 63.03 मिली घनमीटर एरिया में पानी का भराव होगा। इसमें से 26.46 मिली घनमीटर पेयजल और आरक्षित जल के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा 24.03 मिली घनमीटर पानी सिंचाई के लिए उपयोग होगा। परियोजना से कुल मिलाकर 18 हजार 660 एकड़ जमीन सिंचित होगी। उनहोंने बताया कि जून 2019 में यह डेम बनकर कंपलीट हो जाएगा। आज से ही डेम का काम प्रारंभ होने जा रहा है।
किक्रेट बॉल की तरह खाने का डिब्बा हवा में फेंके
समारोह में शामिल होने पहुंचे ग्रामीणों के सामने खाना के पैकेट लूटने को लेकर मारामारी चालू हो गई। तीन जगह अलग-अलग ट्रालियां लगाकर भाेजन के पैकेट बांटे गए। इस बीच ग्रामीणों में होड़ मच गई। ग्रामीण हाथों से खाना के पैकेट छीनने लगे। इस बीच पुलिस को बुलाया गया। कुछ जगह पर पुलिस ने मोर्चा संभाला, मगर तब तक व्यवस्थाएं बिगड़ गई थीं। एक-एक व्यक्ति तीन-तीन चार-चार पैकेट लेकर रफूचक्कर हो गया। कई ग्रामीण भूखे ही लौट गए। कुछ लोगों तक खाना नहीं पहुंच पा रहा था तो भोजन व्यवस्था देखनेे वालों ने खाना के पैकेट भी हवा में लहराए। फेंक-फेंक पैकेट देने लगे। कुछ ने पैकेट कैच कर लिए तो कुछ जमीन पर गिर गए। कुछ इसी तरह स्थिति पानी के पाउच की बनी हुई थी।