इस समय भीषण गर्मी में तापमान 44 डिग्री चल रहा है। वहीं लू के थपेड़ों के बीच एक टिटहरी अपना वंश बढ़ाने अंडों को सेह रही है। मड़ियादो के उखरीपानी के जंगली नाला पर इन दिनों एक टिटहरी जमीन में कंकड़, पत्थरों का एक घोसला बना कर चार अंडों के साथ बैठी है।
अंडों की गिनती से ग्रामीण अच्छी बारिश का अनुमान लगा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्राकृतिक जीव-जंतु भी भविष्य की सूचनाएं देने में पीछे नहीं है। मसलन टिटहरी के अंडों को लेकर लोकमान्यता है कि टिटहरी के अंडे देना बारिश के लिहाज से शुभ संकेत माना जाता है। ग्रामीण मानते हैं कि टिटहरी का अंडे देना और उनकी गिनती और स्थिती से यह पता लगाया जा सकता है कि बारिश का मिजाज कैसा होगा।
किसानों की माने तो किसान बारिश होने और नहीं होने का अंदाजा टिटहरी से लगाते हैं। वर्षा शुरू होने से पहले गर्मी में ही यो पक्षी अंडे देती हैं। जिससे किसान बारिश का अंदाजा लगा लेते हैं और यह भी अंदाजा काफी हद तक सटीक भी बैठता है।
बुंदलखंड के अलावा और भी कई जगहों पर टिटहरी के अंडों से आज भी किसान बारिश का अनुमान लगाते हैं। इस वर्ष भी मड़ियादो के उखरी पानी नाला के किनारे टिटहरी ने चार अंडों को रखा है।
रविवार को दिन का पारा 44.5 डिग्री रहा, रात का 30.5डिग्री पहुंचा
दमोह | रविवार को भी दिन का अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि शनिवार को भी दिन का अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री दर्ज किया गया था। रविवार को रात का न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जो शनिवार को 29.5 डिग्री था। दिन का तापमान दो दिन से 44.5 डिग्री चल रहा है। सुबह से ही सूरज की तीखीं किरणें त्वचा झुलसा रही हैं। दोपहर सड़कों पर निकलने पर ऐसा लग रहा है मानो आसमान से आग बरस रही हो। गर्म लपटें सड़कों पर चलना मुश्किल कर रही हैं।