दमोह के समीपी ग्राम इमलाई निवासी आरसी पटेल रेलवे में चीफ कंट्रोलर अधिकारी हैं। श्री पटेल ने बताया कि वर्ष 1996 में रेलवे में नौकरी के दौरान एक ट्रेन की चपेट में आने के कारण उनका एक पैर कट गया था। ऑपरेशन के बाद नकली पैर लगाया गया। जिससे उन्हें कहीं भी आने-जाने में परेशानी होती है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद फिल्में देखते समय उनके मन में आया कि वह भी बाइक में साइड कार लगाए गए। इसके बाद मुंबई गए, जहां से 9 हजार में साइड कार खरीदकर लाए, जिसे अपने स्कूटर में लगवाया। इसके बाद जहां भी नौकरी में गए इसे अपने साथ लेकर गए। उन्होंने बताया कि बड़े शहरों में ऐसे वाहन आम बात हैं, लेकिन छोटे शहर में लोग साइड कार को देखते ही रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी स्कूटर एक लीटर में 30 किमी चलती है।
नौकरी के समय ट्रेन से पैर कटा तो रेलवे आफीसर ने खरीदी थी साइड कार
भास्कर संवाददाता | दमोह
शहर की सड़कों पर इन दिनों बाइक के बाजू से लगी साइड कार लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जिसे देखकर लोगों को पुरानी एवं नई फिल्मों की याद आ जाती है। दरअसल यह कार रेलवे के एक आफीसर की है, जिन्होंने इसे 26 साल पहले मुंबई से 9 हजार रूपए में खरीदी थी।
नौकरी के दौरान जहां पर भी रहे इसे अपने साथ ले गए। इस गाड़ी से इन्हें इतना मोह है कि उन्होंने इसे बेचा नहीं हैं। समय-समय पर अपनी साइड कार को निकालकर चलाते हैं। हालही में जब वह अपनी साइड कार को दमोह लेकर आए तो लोग देखते ही रह गए। लोगों ने बताया कि इस साइड कार को देखकर फिल्म शोले, दीवाना, ये दोस्ती, मुन्नाभाई एमबीबीएस, मालामाल बीकली सहित अन्य फिल्मों की याद तरोताजा हो जाती है।