मांग : पेट्रोल-डीजल से वैट हटाकर जीएसटी के दायरे में लाया जाए
भास्कर संवाददाता। दमोह
अपनी मांगों को लेकर बस संचालकों ने 21 मई को जिले में बसों का संचालन बंद रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बस ऑपरेटरों के द्वारा एक सूचना पत्र कलेक्टोरेट जाकर सौंपा गया। इस दौरान अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की भी बात कही गई।
दरअसल बसों के किराया में 40 प्रतिशत की बढोत्तरी सहित अन्य मांगों को लेकर 21 मई को जिले में बसों का संचालन नहीं किए जाने की बात कही जा रही है। सूचना पत्र के माध्यम से बताया गया कि बसों के किराए में 40 प्रतिशत की बढोत्तरी के अलावा यात्री वाहनों में नान यूज में वृद्धि की जाए, टोल नाकों पर ली जाने वाली राशि की पर्ची 12 घंटे तक मान्य की जाए, डीजल पेट्रोल से वेट हटाकर जीएसटी के दायरे में लाया जाए, परिवहन कार्यालयों में कैश काउंटर खोले जाएं, पिछले दो वर्षों में सरकारी कार्यक्रमों में बसों के उपयोग का भुगतान किया जाए।
...तो जनता होगी परेशान
अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने की बात कही गई है। यदि बसों का संचालन बंद किया जाता है तो यातायात व्यवस्था गड़बड़ा जाएगी। यात्रियों काे खासी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।