पथरिया तहसील से जुड़ी नदियों में भू-माफिया सक्रिय हैं। यहां से निकली सुनार नदी में जेसीबी से मुरम निकला जा रही है।
सूचना देने पर नहीं आए अधिकारी
स्थानीय निवासी रामप्रसाद पटेल, रूपलाल पटेल ने बताया कि यहां पर चल रहे अवैध उत्खनन की कई बार अधिकारियों को एवं सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। करीब एक माह से काम लगातार जारी है। इस संबंध में एसडीएम संजीव साहू का कहना है मुझे कोई जानकारी नहीं हैं। यदि सुनार नदी में रेत का अवैध उत्खनन चल रहा है तो पता करता हूं। साथ ही खनिज निरीक्षक से भी बात करता हूं।-
खरीदी केंद्र पर बुलाया, पता चला-साइलो केंद्र जाना होगा
भास्कर संवाददाता | बनवार
नोहटा सेक्टर के मौसीपुरा, रोड, पटना, सिमरी में समर्थन मूल्य खरीदी दमोह के साइलो केंद्र में शिफ्ट की गई है। लेकिन किसानों द्वारा गेहूं साइलो केंद्र ले जाने को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि किसानों का कहना है पहले समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों तक ले जाने का परिवहन खर्च लग चुका है अब 25 किमी दूर दमोह ले जाना पड़ेगा। इसके लिए परिवहन भाड़ा कौन देगा। वहीं दूसरी ओर खरीदी केंद्रों में एक पखवाड़ा से तेज धूप के कारण वारदाना कमजोर हो गया है। जिसे उठाने पर वारदाना फटने की संभावना है।
वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन पर समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केंद्रों में हजारों क्विंटल गेहूं खपाने का गड़बड़झाला साइलो केंद्र पर उजागर होने का डर भी सता रहा है। बताया गया है कि रोड़ खरीदी केंद्र में घुना गेहूं परिवहन किया गया था जिसके ट्रक नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा वापस किए गए।
ऐसे में खरीदी केंद्रों में लिया गया गेहूं अब साइलो केंद्र में जाएगा तो वहां पर फिर से वापस कर दिया जाएगा। क्योंकि साइलो केंद्र में केवल गुणवत्तापूर्ण गेहूं की खरीदी होती है। घटिया किस्म का गेहूं वापस हो जाता है। जिससे किसानों के रजिस्ट्रेशन पर खरीदी करने वाले व्यापारियों को काफी सता रहा है। सिमरी गेंहू खरीदी केंद्र पर गेंहू खरीदी का लक्ष्य 50 क्विंटल का है लेकिन अभी तक खरीदी 37 हजार 358 क्विंटल खरीदी हुई है। जिसका परिवहन मात्र 9 हजार 380 क्विंटल का हुआ है। जिसके चलते अभी परिवहन उठाव कार्य के लिए 28 हजार क्विंटल गेंहू केंद्र पर पड़ा हुआ है। यही हाल पलक वेयर हाउस में हैं। जहां पर क्षमता से अधिक गेहूं खुले आसमान तले पड़ा हुआ है।
स्टॉक के लिए नहीं
बची जगह
जिले में इस बार चना, मसूर व उड़द की खरीदी के चलते सभी गोदामों पैक हो चुकी हैं। यही कारण है कि अब गेहूं रखने के लिए जगह नहीं हैं। जिसके चलते अब आसपास की खरीदी केंद्रों के गेहूं काे साइलों केंद्र में शिफ्ट किया जा रहा है। साइलो केंद्र में बड़े-बड़े बैग में गेहूं का भंडारण किया जाता है। लेकिन शासन के इस निर्णय से छोटे किसानों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।