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हाईवे साइन बोर्डों पर 6 माह से पुती है कालिख, डीसी के आदेशों के बाद भी अनदेखी
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया लगातार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। जालंधर-पठानकोट हाईवे की हालत तो पहले से ही खस्ता है। अब इसमें एक नई कड़ी जुड़ गई है। दरअसल पंजाबी भाषा को प्रमुखता न दिए जाने के के विरोध में हाईवे पर लगे सभी साइन बोर्ड पर पंजाबी भाषा में लिखी सूचनाओं को छोड़कर कालिख पोत दी गई है। दूसरे राज्यों के यात्रियों को इससे काफी परेशानी हो रही है। लोगों ने इसकी शिकायत की तो डीसी ने एनएचएआई के अधिकारियों से साइन बोर्ड बदलने के आदेश दिए, लेकिन छह महीने गुजर जाने के बाद भी साइन बोर्ड जस के तस हैं। बोर्ड पर अंग्रेजी और हिंदी में लिखी सूचनाओं पर कालिख पोती हुई है।
डीसी बोले- साइन बोर्ड बदलने के दिए थे आदेश
कालिख पोते हुए साइन बोर्ड।
इस संबंध में डीसी विपुल उज्जवल ने बताया की पंजाबी को पहले स्थान पर लिखे जाने के मामले में जालंधर-पठानकोट हाईवे पर लगे साइन बोर्ड पर कालिख पोत दी गई थी। उन्होंने उसी समय एनएचएआई को जल्द ही बोर्ड चेंज करने के आदेश दे दिए थे। अभी तक बोर्ड नहीं बदले गए हैं इस मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
उधर... डिवाइडर तोड़कर लोगों ने बनाए दर्जनों कट
जिस समय हाईवे बना था उस समय आस-पास बसे गांवों के लोगों के लिए कहीं भी कट (रास्ता) नहीं दिया गया। हाईवे पर पड़ते उसमांशहीद के पास दो स्कूल पड़ते हैं और इन स्कूलों के बच्चों को आने-जाने के लिए क रास्ता नहीं है। तंग आकर लोगों ने डिवाइडर तोड़कर रास्ता बना लिया है। 130 किमी. लंबे जालंधर-पठानकोट हाईवे पर दर्जनों रास्ता बनाया जा चूका है। इस हाईवे पर दिन भर हजारों की तादाद में तेज रफ्तार में गाड़ियां गुजरती हैं। इसे देखते हुए कभी भी बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है।
टोल प्लाजा अधिकारी बोले-जल्द लगाए जाएंगे नए साइन बोर्ड
जालंधर -पठानकोट नेशनल हाईवे के साइन बोर्ड पर पोती गयी कालिख के संदर्भ में टोल प्लाजा के सीनियर मैनेजर संजय ने बताया की साइन बोर्ड बदलने को लेकर ऑर्डर दिया जा चूका है। जल्द ही नए साइन बोर्ड लगवा दिए जाएंगे।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर नहीं उठाते फोन | इस संबंध में जालंधर-पठानकोट हाईवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनके जैन से लगातार संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया। इससे पता चलता है कि अधिकारी लोगों की समस्याओं के प्रति कितने गंभीर है।