हमें अपने कार्य धर्म के अनुसार करने चाहिए : साध्वी सुमन
शिव कथा के अंतिम दिन शिव भक्त व अन्य गणमान्य। -भास्कर
दसूहा | दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा श्री हनुमान मंदिर संसारपुर में 3 दिवसीय शिव कथा के अंतिम दिन सर्वश्री आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुश्री सुमन भारती ने शिव-पार्वती के विवाह का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव का यह अद्भुत शृंगार रहस्यात्मक है। जब भगवान शिव बारात लेकर चलते हैं तो बैल पर सवार हुए क्योंकि बैल साक्षात धर्म का प्रतीक है। हर इंसान को अपना कार्य धर्म में स्थिर होकर करना चाहिए। इस मौके विशेष रूप से सूबेदार सुरिन्द्र सिंह, अवतार सिंह राणा, मोहन सिंह , कैप्टन रविन्द्र शर्मा, रणजीत, सतपाल, डॉ. बलवंत राय, मनोहर लाल व गणमान्य उपस्थित थे।