कमाही देवी | श्री सिद्ध पीठ कामाक्षी देवी मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन ऊना से राष्ट्रीय संत बाबा बाल विशेष तौर से पधारे। बाबा बाल का कथा स्थल में पधारने पर पुष्प वर्षा और फूलों की माला पहना कर महंत राजगिरि ने स्वागत किया। कथा वाचक स्वामी ब्रिजराज ने आए हुए भक्तों को प्रभु के सत्संग का महत्व और उसका अनुसरण करने को कहा। उन्होंने भक्तों को कहा कि जो मनुष्य अपने क्रोध को नियंत्रण में रखता है, वही मनुष्य परमात्मा को प्राप्त कर सकता है। क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है और जो इस पर काबू पा गया परमात्मा भी उसी की मदद करता है। बाबा बाल ने कहा कि भगवान का दूसरा नाम सत्य है और सच्चाई के रास्ते पर चलने वाले जीवन में सदा सुख प्राप्त करते है। इस मौके बाबा बाल ने रामपुर हलेड और दातारपुर के बाबा लाल दयाल की गद्दी के महंत रमेश दास का स्वागत किया। महंत राजगिरि ने आए हुए भक्तों को महायज्ञ के अवसर पर आने के लिए विशेष धन्यवाद किया।