18 में से 7 दिन बैंक बंद, कैश की भी किल्लत, 75% तक घट गया कारोबार
आंबेडकर जयंती पर बाजार सूने रहे, खाली बैठे रहे व्यापारी।
हर दिन दो करोड़ का कारोबार प्रभावित
अक्षय तृतीया पर बाजारों में ऐसी रौनक रहती थी कि छोटे दुकानदारों को भी ग्राहकों से फुरसत नहीं मिलती थी। इस बार हालात विपरीत हैं। बड़े दुकानदार भी खाली हाथ बैठे हैं। बाजार की सड़कों पर भी ज्यादा भीड़ नहीं दिख रही। सराफा कारोबारी राधेश्याम अग्रवाल, इलेक्ट्राॅनिक्स व्यापारी रमेश गंधी का कहना है कि वर्तमान में हर दिन डेढ़ से दो करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हो रहा है। लोग खरीदारी के लिए घरों से ही नहीं निकल रहे। जिन परिवारों में शादियां हैं, वे बाजार में आ रहे हैं लेकिन उनके पास भी पर्याप्त पैसा नहीं है।
ग्राहकों पर पैसा ही नहीं
कैश की किल्लत की वजह से ग्राहक के पास पैसा नहीं है। जब पैसा नहीं होगा तो जाहिर सी बात है कि ग्राहक खरीदेगा क्या। इसके अलावा बार-बार बाजार बंद होने से भी लोग परेशान हैं। रमेश गंधी, पूर्व अध्यक्ष, व्यापार मंडल
75% कम कारोबार
इस बार 75 प्रतिशत कम कारोबार हुआ है। लोगों में भय इतना ज्यादा बैठ गया है कि वे निकल ही नहीं रहे हैं।बार-बार बाजार बंद हो रहा है। बैंकों में कैश नहीं है, इसलिए खरीदारी के लिए नहीं आ रहे हैं। राधेश्याम अग्रवाल, अध्यक्ष, सराफा एसोसिएशन
मंडियां भी बंद, नहीं बिक पा रही फसल
बता दें कि जिस दिन बैंकों में अवकाश होता है, उस दिन मंडियों में भी अवकाश रहता है। 17 दिन में कृषि उपज मंडी में 8 दिन किसानों के माल की बिक्री नहीं हुई। किसानों का माल न बिक पाने से उनके हाथ में पैसा नहीं आ सका। इससे वे खुलकर खरीदारी नहीं कर सके। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा।वर्तमान में बैंकों में कैश की किल्लत है। जिले भर के 70 बैंक शाखाओं के 160 एटीएम हैं। इनमें से ज्यादातर एटीएम खाली हैं। बैंकों से पैसे निकालने के लिए घंटों कतार में लगने के बाद लोगों को अधिकतम 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।