मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने लिपिक संवर्ग एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाध्यक्ष रविदत्त त्रिपाठी के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपा मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम वीरेंद्र कटारे को सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि लिपिकों की ग्रेड पे उन्नयन कर कम्प्यूटर ऑपरेटरों के बराबर की जाए, रमेशचंद्र समिति की लंबित 23 अनुशंसाएं तुरंत लागू की जाएं। लोक निर्माण, जल संसान, पीएचई, वन विभाग के लिपिकों को बिना किसी शर्त के समयमान दिया जाए। लेखापाल की विसंगति एक जनवरी 1996 से दूर की जाए, नियमों की विसंगति के कारण हो रही रिकव्हरी तत्काल बंद की जाए, अंशकालीन लिपिकों और अंशकालीन भृत्यों को अंशकालीन शिक्षकों की तरह नियमित किया जाए, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वृत्तिकर से पूर्णत छूट दी जाए, भृत्य का पदनाम परिवर्तित कर कार्यालय सहायक किया जाए सहित अन्य मांगे पूरी की जाएं। इस दौरान रामप्रकाश तिवारी, देवेन्द्र मुड़िया, नरेन्द्र कोली, देवेन्द्र भूषण तिवारी, नवीन सेन, रामकुमार सोनी, ललित सेन, अतुल श्रीवास्तव, मनीष शर्मा, जगमोहन शर्मा, लोकेश बुधौलिया, ऋषिकेश श्रीवास्तव, संतोष गौतम, महेन्द्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते।