दतिया| लाला के तालाब पर चल रहे ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बच्चे प्रतिदिन तालाब किनारे कचरे की सफाई करते हैं। आधा घंटे तक सफाई करने के बाद प्रशिक्षण लेते हैं। साफ सफाई के पीछे मंशा यही है कि तालाब गंदगी रहित होगा तो तालाब का पानी भी प्रदूषित नहीं होगा। साथ ही बच्चे भविष्य में इसी उत्सुकता से इस कार्य में सहयोग करेंगे। लाला के तालाब में प्रतिदिन सुबह और शाम के समय दो-दो घंटे ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को वाटर स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण दिया जाता है। बच्चे यहां केनोइंग कयाकिंग खेलों में हिस्सा लेकर अभ्यास करते हैं। प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार शर्मा द्वारा बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इन बच्चों को वाटर स्पोर्टस के हटकर साफ सफाई के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। प्रतिदिन बच्चे सुबह जब तालाब में प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं तो उन्हें कसरत कराई जाती है। इसके बाद तालाब के किनारे फैले कचरे को साफ कराया जाता है, उसे नष्ट किया जाता है। इसके बाद बच्चे प्रशिक्षण लेते हैं। बच्चों की भी साफ सफाई के प्रति विशेष उत्सुकता देखने को मिलती है।