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बैंकों में कैश खत्म, एटीएम भी खाली, कलेक्टर ने आरबीआई को लिखा पत्र-500 करोड़ भेजें

3 वर्ष पहले
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तिगैलिया स्थित एसबीआई मैं कैश न होने से काउंटर पर इंतजार करते उपभोक्ता।

50 हजार रुपए निकालने जा रहे लोगों को बैंककर्मी दे रहे सिर्फ 10 हजार

भास्कर संवाददाता | दतिया

18 अप्रैल अक्षय तृतीया को जबरदस्त सहालग है। 26 से 31 अप्रैल तक बैंकों में अवकाश के चलते कामकाज नहीं, 1 अप्रैल को मार्च क्लोजिंग फिर 2 अप्रैल को हुए उपद्रव के बाद हालात सामान्य न होने से जिले के बाजार बंद थे। दो-तीन दिन से बाजार खुले तो सहालग के लिए खरीदारी करने के लिए बाजार में आने लगे।

लेकिन बैंकों में कैश की किल्लत से जिलेभर के एटीएम खाली है। हालात यह हैं कि बैंक में रुपए निकालने जा रहे लोगों को 50 हजार के बजाय बैंककर्मी सिर्फ 10 हजार देकर काम चलाने को कह रहे हैं। ऐसे में आमजन चिंतित हैं कि शादी समारोह कैसे होंगे। वहीं अफसरों में भी इस बात को लेकर चिंता है कि कहीं कैश की कमी से परेशान जनता भड़क न जाए। प्रभारी कलेक्टर आशीष कुमार गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लते हुए गुरुवार को आरबीआई को एक पत्र लिखकर जिलेभर के लिए 500 करोड़ रुपए कैश भेजने की डिमांड की है। अब देखना है कि आरबीआई कितना कैश बैंकों को भेजती है।

लोग बोले-नोटबंदी जैसे हालात हो गए हैं, रुपयों के बिना कैसे होंगे शादी समारोह
नोटबंदी जैसे बने हालात
नवंबर 2016 जब देश में नोटबंदी हुए थी, तब भी आज जैसे हालात थे। लोग कैश के लिए बहुत परेशान हुए। दो साल बाद फिर वैसे ही हालात बन रहे हैं। जिले में सरकारी व गैर सरकारी 70 बैंक शाखाएं संचालित हैं। ग्राहकों की सुविधा के लिए इन बैंकों ने जनता की सुविधा के लिए शहरी व कस्बाई क्षेत्रों में 160 एटीएम लगा रखें है। लेकिन जब बैंकों में ही कैश नहीं तो एटीएम मशीनों में कैश कहां से उपलब्ध होगा।

18 अप्रैल को है सहालग, इसलिए बढ़ी कैश की डिमांड
18 अप्रैल अक्षय तृतीया को सहालग है। इस दिन देशभर में सामूहिक विवाह सम्मेलन होते हैं। वहीं जिन लोगों की शादी की तिथियां देर से बनती हैं, वह भी इस अबुझ मुहूर्त पर शादी कर सकते हैं। इसलिए शहर मुख्यालय सहित तहसीलों व ग्रामीण क्षेत्रों में हर मैरिज गार्डन, धर्मशाला, लॉज व गली-मोहल्लों में शादी समारोह होते हैं। कुल मिलाकर हर तीसरा घर शादी-समारोह में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होता है। इसलिए आयोजनों की तैयारी व खरीदारी के लिए लोगों को कैश की जरूरत पड़ रही है।

रोज 5 करोड़ कैश की है जरूरत
एसबीआई मैन ब्रांच के मुख्य प्रबंधक नरेंद्र कुमार चौधरी का कहना है कि कैश है नहीं, हमारे 35 एटीएम है। अगर इनमें दस-दस हजार रुपए भी डालें तो लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए केवल एटीएम के लिए ही चाहिए, बैंक को अलग से। लगभग पांच करोड़ कैश प्रतिदिन लग जाता है।

हमने आरबीआई को लिखा है पत्र
प्रभारी कलेक्टर आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि आरबीआई को जिले के बैंकों को कैश उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा है। जिले में कैश की किल्लत हैं। लोग परेशान हो रहे हैं। 5 सौ करोड़ रुपए देने के लिए पत्र लिखा है। रुपए आते ही समस्या का निराकरण हो जाएगा।

बैंक में झगड़ रहे लोग
बैंकों के एटीएम खाली हो गए हैं। उपभोक्ताओं को बैंक से 10 हजार रुपए ही कैश के रूप में मिल पा रहे हैं। वर्तमान में बैंकों में हाल यह है कि उपभोक्ता कैश को लेकर बैंक कर्मचारियों से मुंहवाद कर रहे है। लेकिन कैश न होने से बैंक कर्मचारी कुछ नहीं कर पा रहे।

3 लाख की जरूरत, बैंक दे रहे सिर्फ 10 हजार रुपए
मेरी बेटी की शादी 18 अप्रैल को है। लंबे समय से बैंक की लाइन में लगा हूं। बैंक 10 हजार रुपए दे रही है। अब 10 हजार रुपए में तो शादी होती नहीं है। रिश्तेदारों के पास भी रुपए नहीं है। बेटी की शादी कैसे होगी कुछ समझ नहीं आ रहा है। सुरेंद्र सिंह, ग्राम पाली

घर में शादी है, हम बैंक के चक्कर लगा रहे

18 अप्रैल की मेरी बहन की शादी है। शादी कार्यक्रम के लिए सामान खरीदना है। टेंट वाले, हलवाई से लेकर सभी का पेमेंट करना है। तीन साढ़े तीन लाख रुपए की जरूरत है। छह-सात दिन से बैंक के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन रुपए नहीं मिल रहे हैं। मनीश सेन, छोटा बाजार, दतिया

हमारे पैसे हमें नहीं मिल रहे
मेरी बेटी की शादी 18 अप्रैल की है। टेंट, हलवाई, बर्तन आदि बुक हो चुके हैं और थोड़ा एडवांस भी दे दिया है। रुपए लेने के लिए बैंक गए तो पता चला कि बैंक में कैश नहीं है। 10 हजार रुपए से कैसे काम चलाएं। बल्ली प्रजापति, गौड़ बाबा कॉलोनी दतिया

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