बाल विवाह में शामिल बैंड, टैंट व हलवाई पर भी करें कार्रवाई
बैठक में बाल विवाह रोकने हेतु रणनीति बनाई
भास्कर संवाददाता | दतिया
18 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकने हेतु एक बैठक शुक्रवार को कार्यालय पर आयोजित की। बैठक में बाल विवाह न हो इसके लिए रणनीति तैयार की गई। इस दौरान तय किया गया कि बाल विवाह की सूचना आंगनबाड़ी, कार्यकर्ता, सहायिका स्थानीय स्तर पर प्राप्त करें और नोडल अधिकारी को जानकारी दें। इस कार्य में सेक्टर पर्यवेक्षक भी अपने सेक्टर पर नजर रखें। बैठक में यह भी तय किया गया कि बाल विवाह में शामिल होने वाले बैंड, टैंट, घोड़ी, हलवाई, पंडित आदि को भी शामिल न होने के लिए समझाइश दें।
यदि वह नहीं मानते हैं तो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार एक लाख रुपए का जुर्माना या दो वर्ष के कठोर कारावास या दोनों से दंडित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करें। इसके साथ ही लोगों को बाल विवाह के दुष्पारिणाम बताने के लिए अभियान चलाने पर चर्चा की गई। बैठक में डीपीओ राकेश परमार समेत सभी अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।