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पैकेट बंद खाद्य पदार्थों में न एक्सपायरी डेट न ही कंपनी का नाम

3 वर्ष पहले
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सरकार ने खुली सामग्री एवं बिना एक्सपायरी डेट की सामग्री बेचने पर कार्रवाई के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी बाजारों में खुली खाद सामग्री धड़ल्ले से बिक रही हैं। नगर में कई छोटे-बड़े दुकानदार विभिन्न प्रकार की अमानक खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। खासबात यह कि इन खाद्य सामग्री की पैकिंग पर एक्सपायरी डेट और कंपनी का नाम तक नहीं है। बगैर नियम एवं कानून के नगर में बिना एक्सपायरी डेट की खाद्य पैकेट बेची जा रही हैं। ऐसी खाद्य सामग्री से न केवल बच्चों की सेहत बिगड़ सकती है। बल्कि यह उनके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। खासबात यह है कि ज्यादातर सामग्री नगर के में संचालित दुकानों के दुकानदारों द्वारा खुद पैकिंग कर बेची जा रही है।

हर दुकान पर बिक रहे है अमानक खाद्य पदार्थ: नगर में छोटी-बड़ी दुकानों पर अमानक, खाद्य पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं। थोक विक्रेता दुकानदार मसाले सहित अन्य सामान खरीदकर लाते हैं और वजन कर खुद ही पैकेट बनाते हैं। यही वजह है कि इन पैकेटों पर न तो किसी कंपनी का ठप्पा लगा है और न ही एक्सपायरी तारीख का उल्लेख रहता है। नगर के लहार रोड, चिरगांव रोड, घटिया बाजार, खाई का बाजार, सरसई रोड सहित तमाम जगहों पर संचालित फुटकर व थोक विक्रेता दुकानदारों के पास इस तरह के पैकेट देखे जा सकते हैं।

तत्काल होनी चाहिए कार्रवाई

बाजार में लगातार अमानक एवं खतरनाक खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय हो रहा है। खाद्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। साथ ही में शीघ्र कार्रवाई करना चाहिए। जिससे हजारों जिंदगियां इनके दुष्प्रभाव से बच सकें।

कस्बे में बिना जांच-पड़ताल के बिक रही धड़ल्ले से खाद्य सामग्री लोगों की सेहत को हो सकता है खतरा, फिर भी अधिकारी नहीं कर रहे सैंपलिंग
नमकीन एवं मसालों की पैकेटों पर भी नहीं है मेन्युफैक्चरिंग डेट
नगर के होटल एवं दुकानों पर साधारण पॉलीथिन में मक्खन टिकिया, एवं मसाले व अन्य खाद्य सामग्री बेची जा रही है। इन पैकेटों पर न तो मेन्यु फैक्चरिंग डेट है और न ही एक्सपायरी डेट। इस संबंध में विक्रेता से पूछा जाता है तो वह भी इस पर मौन धारण कर लेते हैं।

निरीक्षण करवाता हूं
यदि दुकानों पर बिना एक्सपायरी डेट, और बिना कंपनी के नाम की पैकेट दुकानों पर बेची जा रही हैं तो मैं इसके लिए आकस्मिक कार्रवाई के लिए टीम भेजता हूं। आरके वंशकार, एसडीएम

फूड इंस्पेक्टर भेज रहे हैं

यदि दुकानों पर खुले एवं बिना एक्सपायरी डेट की पैकेट बेची जा रही हैं तो गलत है। मैं फूड इंस्पेक्टर को भेजकर जांच एवं कार्रवाई के लिए भेजता हूं। डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएचओ दतिया

अधिकारी सैंपलिंग कार्रवाई को लेकर कर रहे अनदेखी
इस बात की जानकारी खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों को है। इसके बाद भी वह दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि कई बार लोगों ने शिकायत भी दर्ज कराई है। लेकिन सांठगांठ के चलते कार्रवाई पर गौर नहीं किया जाता है।

पैकेट बंद खाद्य सामग्री का नियम
खाद्य सामग्री के पैकेट पर निर्माता कंपनी का नाम और पते का स्पष्ट उल्लेख हो।

यदि उत्पादक ने किसी खाद्य सामग्री में रंग मिलाया है तो उसकी क्वालिटी का स्पष्ट उल्लेख हो।

खाद्य सामग्री के पैकेट पर ब्यूटीशियन वैल्यू, बैज नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट का अंकित होना आवश्यक है।

12 लाख से ज्यादा के आय वाले दुकानदारों को खाद्य औषधि विभाग में पंजीयन कराना अनिवार्य।

12 लाख से ज्यादा के आय-व्यय वाले दुकानदारों को फूड सिक्योरिटी एक्ट तहत लाइसेंस लेना आवश्यक।

नियमों का पालन नहीं करने पर अधिकारी द्वारा संबंधित दुकानदार पर कार्रवाई की जा सकती है।

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