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चार दिन से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर

3 वर्ष पहले
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वार्ड 18 में खुद कचरा वाहन चलाते पार्षद अनूप तिवारी।

इंदरगढ़ में नियम विरुद्ध तरीके से कर दीं स्थायी नियुक्तियां

इंदरगढ़ नगर परिषद सीएमओ द्वारा आठ फरवरी को 18 कर्मचारियों को नियमित किया है। इनमें अधिकतर कर्मचारी ऐसे हैं जो वर्ष 208 के बाद भर्ती हुए हैं। सफाई कर्मचारी बृजेंद्र बाल्मीक, धर्मेंद्र बाल्मीक, इतबारी बाल्मीक, वीरेंद्र बाल्मीक, रविंद्र बाल्मीक, धर्मेंद्र बाल्मीक, राहुल बाल्मीक, ईश्वरदयाल बाल्मीक, राकेश बाल्मीक, अरविंद बाल्मीक और रंजीत बाल्मीक वर्ष 2008 से 2015 के बीच परिषद में काम पर आए हैं। अगर नपा सीएमओ एके दुबे की मानें तो शासन के निर्देशों के तहत 2007 से 2016 तक लगातार कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को ही नियमितीकरण के प्रावधान हैं। अगर दतिया सीएमओ की बात सही है तो इंदरगढ़ में गलत नियुक्तियां की गई हैं। इंदरगढ़ सीएमओ के आदेश को ही दतिया नपा के कर्मचारी लेकर आ गए और दतिया सीएमओ के सामने रखकर खुद को नियमित करने की बात कही। लेकिन दतिया सीएमओ दतिया नहीं हुए।

देर शाम हड़ताल की खत्म, आज से शुरू होगी सफाई

पिछले चार दिन से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार देर शाम खत्म हो गई। सीएमओ एके दुबे ने सफाई कर्मचारियों के बीच कहा कि जो अकुशल श्रमिक हैं, उन अकुशल श्रमिकों काे छह सौ रुपए प्रतिमाह ज्यादा वेतन दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। 18 मई को सुबह से ही शहर की सफाई शुरू हो जाएगी।

पार्षद खुद ही चला रहे वाहन

कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए वार्ड क्रमांक 15 और 18 के पार्षदों द्वारा पिछले दो दिन से खुद ही सफाई की जिम्मेदारी संभाली गई है। वार्ड 15 के पार्षद तारिक किलेदार और वार्ड 18 के पार्षद अनूप तिवारी दो दिन से प्रतिदिन सुबह खुद टिपर वाहन चलाते हुए अपने वार्ड में घूमते हैं और लोगों से टिपर में ही कचरा डालने की अपील करते हैं। बांकी 34 वार्डों के पार्षद फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं इसलिए उनके वार्डों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं।

स्थायी कर्मचारियों को दिया नोटिस

हमने कर्मचारियों को बुलाया था लेकिन वे उसी मांग पर अड़े हैं जो कि हमारे हाथ में नहीं है। उन्होंने विषय से हटकर वेतन बढ़ाने की डिमांड रखी थी उसे हमने मान लिया लेकिन फिर भी हड़ताल खत्म नहीं की। हड़ताल में स्थायी कर्मचारियों के शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है इसलिए उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। इंदरगढ़ में कुछ नियम विरुद्ध नियुक्तियां हो गई हैं उनको लेकर यहां के कर्मचारी अड़े हुए हैं। एके दुबे, सीएमओ, नपा दतिया

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