दतिया| भीमराव आंबेडकर रामजी मासोजी सकपाल और भीमा बाई की 14वीं संतान थे। एक ब्राह्मण शिक्षक जो उनसे विशेष स्नेह रखते थे उनके कहने पर उन्होंने अपने नाम में अांबेडकर जोड़ लिया, जो उनके गांव अंबावडे पर आधारित था। डाॅ. अम्बेडकर ने जाति मुक्त भारत का सपना देखा था उन्हें किसी एक जाति से जोड़ना उनके सपनों पर कुठाराघात होगा। यह बात आम आदमी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता परिणीता राजे ने शनिवार को इंदरगढ़ में आयोजित अंबेडकर जन्मोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। श्रीमती राजे ने कहा कि हम सभी को ऐसे महापुरुष के जन्मोत्सव पर शपथ लेकर जाति मुक्त भारत के सपने को साकार करने की दिशा में काम करना होगा।