मनरेगा का समय बदलने की मांग, मजदूरों ने की नारेबाजी
दौसा (ग्रामीण). समय बदलवाने के लिए प्रदर्शन करते नरेगा श्रमिक।
कार्यस्थल पर टेंट-पानी की व्यवस्था भी नहीं
भास्कर न्यूज | दौसा ग्रामीण
तेज गर्मी पड़ने के बाद भी नरेगा योजना के तहत चल रहे कार्य स्थलों पर प्रशासन की ओर से छाया पानी व चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध नहीं कराए जाने पर सोमवार को मजदूरों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में मौके पर पहुंचे सरपंच संघ के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर नरेगा कार्य का समय बदलवाए जाने की मांग की।
श्रमिकों ने बताया कि कार्य स्थलों पर बार-बार मांग किए जाने की गुहार के बाद भी समय नहीं बदला जा रहा है। नरेगा कार्य स्थलों पर सुबह नौ बजे से शाम 5 बजे तक समय निर्धारित कर रखा है। लेकिन कार्य स्थलों पर न तो अधिकारियों द्वारा श्रमिकों को दोपहर को बैठने के लिए न तो छाया के लिए टैंट उपलब्ध करा रखे है और न ही ठंडे पानी के लिए मटकियां।
इसके चलते दोपहर को पड़ने वाली तेज गर्मी से सिर छिपाने के लिए लुगडियों की लकड़ियों के डंडे पर छाया करके दोपहरी निकालनी पड़ी है। जबकि मेट द्वारा नाप कर मिटटी खोदने के लिए दे दी जाती है।
सूरी नदी के पास चलने वाले तलाई खुदाई कार्य के आसपास ही नहीं दूर दूर तक पेड़ों की छांव नजर नहीं आती है और न ही कार्य स्थल पर छाया की कोई सुविधा उपलब्ध है, जिसके चलते तेज गर्मी से दोपहर को सिर जल उठता है।