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अस्पताल में सीमेंट के गंदे बोरे व चट्टी से ढंका मूंड़घिस्या के सैनिक का शव, लोगों में आक्रोश
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवान की बिहार के किशनगंज में रेल हादसे में हुई मौत के चार दिन बाद भी शव उनके पैतृक गांव मूंड़घिस्या नहीं पहुंचा है। शव के इंतजार में मृतक के परिजनों की आंखें पथरा गई हैं, वहीं महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल है। मूंड़घिस्या निवासी बीआरओ के जवान हरज्ञान गुर्जर की शनिवार रात गुवाहाटी बीकानेर एक्सप्रेस से गिरकर मौत हो गई थी। हरज्ञान बीआरओ बटालियन अरुणाचल हेड क्लस्टर में चालक के पद पर कार्यरत थे। जो छुट्टी पर अपने गांव आ रहे थे। किशनगंज में मौत के बाद शव के इंतजार में गांव में परिजनों व ग्रामीणों का बुरा हाल है।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
मंगलवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन देकर शव को तत्काल मंगाने तथा मृतक को शहीद का दर्जा देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जगदीश गुर्जर, रामकरण, भगवान सहाय, होशियार, सुरज्ञान, रोहिताश, बस राम, रमेशचंद, सुमेर सिंह आदि थे।
दौसा. बिहार में ट्रेन हादसे में मौत के बाद बीआरओ का जवान हरज्ञान गुर्जर का शव नहीं पहुंचने पर कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग। (दाएं) शव को रवाना करते हुए।
दौसा. बिहार में ट्रेन हादसे में मौत के बाद बीआरओ का जवान हरज्ञान गुर्जर का शव नहीं पहुंचने पर कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग। (दाएं) शव को रवाना करते हुए।
लापरवाही : दो घंटे घटनास्थल पर पड़ा रहा शव : हादसे में मौत के बाद सैनिक हरज्ञान के शव को गंदी बोरियों से ढंकने पर ग्रामीणों ने रोष जताया। ग्रामीणों ने बताया कि दो घंटे तक शव घटना स्थल पर ही पड़ा रहा। आरपीएफ व जीआरपी एक दूसरे पर टालते रहे। बाद में टाउन थाने की पुलिस ने शव को सदर अस्पताल पहुंचा, जहां सीमेंट के गंदे बोरे व चट्टी से शव को ढंककर रखा गया।
शहीद का दर्जा देने की मांग
ज्ञापन में ग्रामीणों ने सैनिक का शव तत्काल मंगाने, सैनिक सम्मान के साथ अंत्येष्टि करने, मृतक को शहीद का दर्जा दिलाने, मृतक के बेटे को नौकरी दिलाने तथा सैनिक के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
विलाप करते परिजन।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मूंड़घिस्या गांव में सैनिक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। शव के इंतजार में उनकी आंखें पथरा गई हैं। रिश्तेदार व ग्रामीण ढाढ़स बंधा रहे हैं। शव के इंतजार में लोग टकटकी लगाए बैठे हैं। परिजनों ने बताया कि बिहार से शव को रवाना कर दिया गया है। दिल्ली एयरपोर्ट से सड़क मार्ग द्वारा शव मूंड़घिस्या लाया जाएगा।
मूंड़घिस्या के ग्रामीणों ने रखी मांगें
दौसा ग्रामीण. सदर थाना इलाके के मूंड़घिस्या गांव निवासी सैनिक हरज्ञान सिंह गुर्जर बीआरओ से छुट्टी लेकर घर आ रहा था। इसकी शनिवार रात 10 बजे डाउन गुवाहाटी बीकानेर से गिरकर किशनगंज बिहार में मौत हो गई थी। इसका शव चार दिन बाद भी नहीं मिला है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो सैनिक सीमा संगठन की तरफ से परिवार जनों को कोई सूचना दी गई है और न ही चार दिन बीत जाने के बाद भी जवान का शव घर पहुंच पाया है। परिजनों ने बताया कि सैनिक को उचित सम्मान नहीं देकर शव बोरियों में लपेटकर शव को पटक रखा है। उन्होंने सैनिक का शव मंगवाए जाने, सम्मान के साथ अंत्येष्टि करवाए जाने, शहीद का दर्जा दिलवाए जाने, सैनिक के बेटे को नौकरी दिलवाए जाने की मांग की।