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डेढ हजार से ज्यादा श्रमिकों के कार्ड पेंडिंग

3 वर्ष पहले
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दौसा ग्रामीण। भले ही सरकार की और से गरीबो को लाभाविन्त किऐ जाने के उद्वेश्य से जनकल्याणकारी योजनाओं को अमली जामा पहनाकर सफल क्रियान्वत्ी के लिए अधिकारियों को कडे़ निद्रेश जारी कर रखे है । लेकिन दूसरी औरं अधिकारियों की अनदेखी के चलते ग्रामीण क्षेत्र में ईमित्र के जरिऐ श्रम काड्र बनाऐ जाने के लिए फार्म आँनलाईन आवेदन किऐ जाने के एक वर्ष बाद भी लोगो को श्रम कार्ड जारी नही हो रहे है।

जिसके चलते लोगो को ग्राम पंचायत से लेकर ईमित्र पंचायत समिती कार्यालय सहित जिला श्रम कल्याण अधिकारी के सैकडो़ चक्कर लगाऐ जाने के बाद भी श्रम कार्ड जारी नही होने के कारण मिलने वाली सरकारी सहायता से वंचित रहना पड़ रहा है। बनियाना निवासी सुरेश चन्द्र पुत्र सूजीराम सैनी, अशोक कुमार पुत्र गंगाराम बैरवा, राधा देवी प|ी जगदीश नारायण, रामसहाय सैनी पुत्र रेवडमल सैनी, शांती देवी प|ी सीताराम मीणा, शांती देवी प|ी बाबूलाल मीरा देवी प|ी गोपाल लाल ने बताया कि श्रम कार्ड के लिए ईमित्र पर आनलाईन आवेदन कर सभी कागजो की पूर्ति भी कर दी। उसके बाद श्रम कार्यालय से आवेदन क्रमाक भी जारी हो गऐ। लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी श्रम कार्ड जारी नही किया जा रहा है। सुमन देवी, सीमा देवी, बीना देवी सहित अनेको महिलाओ ने रोष जताते हुऐ बताया कि बच्चियों की शादी के लिए मिलने वाली 55 हजार रूपऐ की सहायता के लिए आवेदन किया जाना था।

लकिन श्रम कार्ड के अभाव में मिलने वाली सहायता से वंचित होना पड़ रहा ळै जगसहायपुरा निवासी सुनिता देवी, लालीदेवी, रामसिंहपुरा निवासी रामोतार, रामिकशोर, ने बताया कि 10/12/2017 में लवाण में संचालित ईमित्र पर श्रम कार्ड बनाऐ जाने के लिए रजिस्टृशन नम्बर बी 20/2017 0049629 पर आवेदन किया गया था । लेकिन छ माह बीत जाने के बाद भी जिला श्रम अधिकारी कार्यालय से श्रम कार्ड जारी नही किऐ जा रहे है। जिसके चलते बालको को मिलने वाली छात्रवृती से वंचित रहना पड़ रहा है । किरण बैरवा आन्न्दपुरा ने बताया कि श्रम कार्ड के लिए 2012 में आवेदन किया गया था । जिला श्रम कार्यालय में कार्यरत बाबू से सम्पर्क करने पर काड्र बनाऐ के एवज में रिश्वत मांगी जा रही है । पैसे नही दिऐ जाने के कारण कार्ड अटका पडा हुआ है जबकि बाद में आवेदन करने वालो ने पैसे देकर काउर् बनवा लाऐ।

जिसकी शिकायत किऐ जाने के बाद भी कोई सुनवाई नही हो रही है । इनका कहना है जिला श्रम कल्याण अधिकारी विक्रम सिंह का कहना है कि आनलाईन आवेदनो केा प्राथमिकता व रोस्टर के आधार पर काउर् बनाऐ जा रहे है ।

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