मां-बाप के चरणों में ही चारों धाम
राष्ट्रीय कवि चौपाल के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी शिवचरण भंडाना की अध्यक्षता में हुई।
संयोजक कृष्ण कुमार सैनी ने रामबाबू शर्मा का राष्ट्रीय कवि चौपाल सम्मान व गोल्ड मैडल से सम्मानित किया।
गोष्ठी में बनवारी लाल शर्मा ने राजनीति के करतब से भी ये जल संकट गहराया है..., हिमांशु चड्ढा ने मां बाबा ने पढ़ा लिखाकर अफसर तुम्हें बना दिया..., कृष्ण कुमार सैनी ने मां बाप के चरणों में ही चारों धाम है..., बुद्धि प्रकाश महाराज ने शिक्षा को बना गए हमारा अधिकार..., रामवीर साहिल ने जितना चाहो मांग लो मैं सब कुछ देना चाहता हूं..., मूलचंद पांचाल ने नाम अपना दूसरों के दिल पर लिख...., मीनाक्षी पारीक ने इशारों ही इशारों में इशारा यार कर लो तुम..., सुनील बैरवा ने मुहब्बत होती क्या है तुझे बता दूंगा..., दिनेश प्रजापति ने चिराग इतने जलाएं कि सब अंधियारा दूर हो जाए..., शिवचरण भंडाना ने नारी पर नारी का बंद करो हत्याचार..., सलमान सिकंदराबादी ने बीबी के फटे कपड़ों कोसी रहा हूं मैं... जैसी कविताएं सुनाई। रामबाबू शर्मा ने संचालन किया।