स्टेशन परिसर में शनिवार सुबह आरपीएफ की मौजूदगी से यात्रियों को बड़ी राहत मिली। नॉन पार्किंग जोन में पीपल के पेड़ के नीचे प्रवेश द्वार के ठीक सामने आड़े-तिरछे खड़े होने वाले टू-व्हीलर को आरपीएफ के जवानों ने खड़ा नहीं होने दिया। इससे रास्ता साफ होने से यात्रियों को आवाजाही में सुविधा मिली। वहीं किसी यात्री की ट्रेन भी नहीं छूटी। दूसरी ओर फोर-व्हीलर गाड़ी वालों की दादगिरी बरकरार है, जिन्हें हटाने और रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। फ्रंट में सर्कुलेटिंग एरिया में अवैध रूप से 10-15 फोर-व्हीलर गाड़ी रोजाना खड़ी रहती हैं। इसमें कई गाड़ी तो ऐसी हैं जो महीनेभर से ज्यादा समय से एक ही जगह खड़ी हैं।
स्टेशन परिसर में टू-व्हीलर और फोरव्हीलर गाड़ियों के लिए पार्किंग हैं, लेकिन कुछ लोग पार्किंग में गाड़ी खड़ी नहीं कर नॉन पार्किंग जोन में खड़ी करने के आदी हैं। एक-दूसरे के देखा-देख नॉन पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने वालों की संख्या बढ़ने लगी। पार्किंग ठेकेदार इसका विरोध करता तो गाड़ी वाले माथा-फोड़ी पर उतारू हो जाते हैं। हर कोई व्यक्ति एक ही बात कहता है कि बस दो मिनट में आया। फिर 2 लोग पुराने चले जाते और 3 नए आ जाते। इस प्रकार नॉन पार्किंग जोन में अवैध रूप से वाहनों का 24 घंटे जमावड़ा रहता है। इससे यात्रियों के साथ रेल कर्मचारियों को भी आवाजाही में असुविधा होती है। गुर्जर आंदोलन के मद्देनजर बांदीकुर्इ आदि से आरपीएफ के कुछ जवानों काे दौसा लगाया गया है, जिनका सदुपयोग करते हुए नॉन पार्किंग जोन में टू-व्हीलर गाड़ी खड़ी नहीं करने देने की ड्यूटी लगा रखी है। जवान भी पूरी मुश्तैदी के साथ ड्यूटी की और एक भी टू-व्हीलर को प्रवेश द्वार के सामने खड़ा नहीं होने दिया। किसी का इंतजार करने वालों से गाड़ी पार्किंग में खड़े करने को कहा, जबकि अपनों को ट्रेन के समय छोड़ने आए लोगों को सवारी उतारते ही चलता कर दिया। इसके बावजूद कुछ लोग सर्कुलेटिंग एरिया में टी-स्टॉल के सामने पीपल के पेड़ के नीचे अपने दुपहिया वाहन लेकर खड़े हो गए। स्टेशन परिसर में अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदार लोगों को चाहिए कि यह व्यवस्था नियमित बनी रहे, जिससे यात्रियों को सुविधा मिले और स्टेशन का लुक खराब नहीं हो।
स्टेशन परिसर में पीपल के पेड़ के नीचे प्रवेश द्वार के ठीक सामने टू-व्हीलर खड़े नहीं करने देने से रास्ता सुगम
भास्कर ने उठाया था यात्रियों की परेशानी का मुद्दा
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए नॉन पार्किंग जोन में खड़े टू-व्हीलर और अवैध पार्किंग में खड़ी फोरव्हीलर गाड़ियों का मुद्दा दैनिक भास्कर ने उठाया था। इस संबंध में पिछले सप्ताह खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बावजूद आरपीएफ स्टाफ सक्रिय हुआ। प्रवेश द्वार के ठीक सामने पीपल के पेड़े के नीचे दुपहिया वाहनों को खड़े करने से रोकना-टोकना शुरू किया। लोगों का कहना है कि भास्कर की पहल बेहतर है। ऐसे में आरपीएफ स्टाफ को नियमित रूप से अपना अभियान चलाना चाहिए। इससे लोग अपने वाहन पार्किंग में खड़े करने के लिए प्रेरित हों। वहीं फोरव्हीलर वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई हो। देर-सवेर आंख बचाकर अवैध रूप से फोरव्हीलर गाड़ी खड़ी करने वालों के वाहनों के पहियों की हवा निकालकर उन्हें सबक सीखाने की जरुरत है।
दौसा. खड़े अवैध वाहनों को हटाते आरपीएफ के जवान।
एक माह से खड़ी स्कार्पियो गाड़ी: स्टेशन परिसर में फोरव्हीलर गाड़ियों की अवैध पार्किंग भी संचालित है, जो सब की आंखों के सामने चौड़े में चल रही है। इसके बावजूद कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है। आखिर अवैध पार्किंग का संचालन कर कौन रहा है। रेलवे के किसी कर्मचारी/अधिकारी का इसमें कोई लेना-देना नहीं है तो फिर अवैध रुप से खड़ी गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई से कतरा क्यों रहे हैं। टी-स्टाफ के पास आरजे-02 यूए 1112 स्कार्पियो गाड़ी करीब महीनेभर से एक ही जगह खड़ी है।