बीएड, शिक्षा शास्त्री तथा बीएसटीसी के विद्यार्थी 6 हजार रुपए इंटर्नशिप स्टाइपैंड की मांग के समर्थन में लगातार प्रयासरत हैं। इस कड़ी में गुरुवार को विद्यार्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के उप सचिव एम.एल. शर्मा को ज्ञापन सौंपा। फिर उप सचिव शर्मा ने हाथों हाथ शिक्षा सचिव को रिमाइंडर भेज दिया।
बीएड एवं शिक्षा शास्त्री तथा बीएसटीसी संघ के जिलाध्यक्ष जिनेंद्र जैन के अनुसार कोर्स करने के बाद इंटर्नशिप के तौर पर प्रशिक्षणार्थियों को स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने जाना पड़ता है। जिला और ब्लॉक मुख्यालय से दूर-दराज के स्कूलों में बीएड, शिक्षा शास्त्री व बीएसटीसी प्रशिक्षणार्थियों को पढ़ाने के लिए लगाया जाता है, जहां आने-जाने के साधन भी मुश्किल से मिलते हैं। ऐसे में आने-जाने के लिए प्रशिक्षणार्थियों को मोटी राशि खर्च करनी पड़ती है, जबकि सरकार की ओर से एक नई पाई नहीं दी जाती है। ऐसा नहीं कि प्रशिक्षणार्थियों को स्टाइपैंड देने का प्रावधान नहीं है। माध्यमिक शिक्षा आयोग 1952-53 में अध्यापक शिक्षा संबंधी सुझाव के बिंदू संख्या 7 में प्रशिक्षण काल में प्रशिक्षणार्थियों को इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपैंड दिए जाने का प्रावधान है। सरकार ने कुछ दिन पहले वेटनरी के छात्र-छात्राओं का इंटर्नशिप स्टाइपैंड 3000 से बढ़ाकर 6 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया है।
जिलाध्यक्ष जैन का कहना है कि प्रशिक्षणार्थियों की इंटर्नशिप स्टाइपैंड के तौर पर प्रति माह 6 हजार रुपए की मांग के लिए काफी भाग-दौड़ कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से आश्वासन से आगे बात नहीं बढ़ रही है। ऐसे में प्रशिक्षणार्थियों में सरकार के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है, जिसका खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।