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गुप्तेश्वर रोड को गौरव पथ बनाने का मामला

3 वर्ष पहले
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गुप्तेश्वर रोड के दोनों तक मकान-दुकानों को तोड़कर भानगढ़ जैसा खंडर बनाने वाले जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के खिलाफ लोगों में आक्रोश बरकरार है। इसमें घटिया निर्माण सामग्री और कार्य की धीमी गति से लोगों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर है। टूटे मकान-दुकानों के बारे में कोई बात शुरू करता है तो लोगों का चेहरा लाल-पीला हो जाता है। लोगों का कहना है कि शासन और प्रशासन ने तोड़-फोड़ करने में तो बढ़चढ़ कर रुचि दिखाई, लेकिन निर्माण कार्य तेजी से कराने के प्रति कोई भी गंभीर नहीं है। इसका खामियाजा खासकर जनप्रतिनिधियों को आगामी चुनाव में भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

गुप्तेश्वर रोड को गौरव पथ बनाने के लिए लोगों के मकान और दुकानों को करीब 4 माह पूर्व तानाशाही करते बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया था। लोगों को तब सामान निकालने या अपने स्तर पर तोड़ने का मौका भी नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि तोड़फोड़ में जल्दबाजी करने वाले अब गौरव पथ के निर्माण कार्य को लेकर शांत क्यों बैठे हैं। कोई देखने और सुनने वाला नहीं कि सड़क के दोनों ओर जो काम चल रहा है, उसमें किस तरह घटिया सामग्री काम में ली जा रही है। सड़क पर पड़ी बजरी कम रेत ज्यादा लगती है, जिससे नालों का निर्माण कराया जा रहा है। (देखें पेज 15)

लोगों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का आरोप भी लगाया

दौसा. मुख्यमंत्री जल स्वावलंन के तहत किए कार्यों का निरीक्षण करते अधिकारी।

कार्यालय संवाददाता | दौसा

गुप्तेश्वर रोड के दोनों तक मकान-दुकानों को तोड़कर भानगढ़ जैसा खंडर बनाने वाले जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के खिलाफ लोगों में आक्रोश बरकरार है। इसमें घटिया निर्माण सामग्री और कार्य की धीमी गति से लोगों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर है। टूटे मकान-दुकानों के बारे में कोई बात शुरू करता है तो लोगों का चेहरा लाल-पीला हो जाता है। लोगों का कहना है कि शासन और प्रशासन ने तोड़-फोड़ करने में तो बढ़चढ़ कर रुचि दिखाई, लेकिन निर्माण कार्य तेजी से कराने के प्रति कोई भी गंभीर नहीं है। इसका खामियाजा खासकर जनप्रतिनिधियों को आगामी चुनाव में भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

गुप्तेश्वर रोड को गौरव पथ बनाने के लिए लोगों के मकान और दुकानों को करीब 4 माह पूर्व तानाशाही करते बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया था। लोगों को तब सामान निकालने या अपने स्तर पर तोड़ने का मौका भी नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि तोड़फोड़ में जल्दबाजी करने वाले अब गौरव पथ के निर्माण कार्य को लेकर शांत क्यों बैठे हैं। कोई देखने और सुनने वाला नहीं कि सड़क के दोनों ओर जो काम चल रहा है, उसमें किस तरह घटिया सामग्री काम में ली जा रही है। सड़क पर पड़ी बजरी कम रेत ज्यादा लगती है, जिससे नालों का निर्माण कराया जा रहा है। (देखें पेज 15)

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