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जीएलआर टैंक ओवरफ्लो होने से रातभर बहता रहा पानी, तीन लाख लीटर पानी की हुई बर्बादी

3 वर्ष पहले
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जलदाय विभाग के एसई कार्यालय में जीएलआर टैंक से गुरुवार रातभर पानी व्यर्थ बहता रहा। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सोता रहा। करीब तीन लाख लीटर पानी बर्बाद होने पर दैनिक भास्कर के जल मित्र ने एसई व एक्सईएन को मौके पर ले जाकर हालात से रूबरू कराया। अब इस मामले पर विभाग के एसई व एक्सईएन पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

होदायली बाण गंगा नलकूपों से दौसा शहर के लिए सप्लाई शुरू की गई थी। इस पानी को एसई कार्यालय परिसर में बने जीएलआर टैंक में संग्रहण किया जा रहा था, लेकिन कर्मचारी के सोने से टैंक ओवरफ्लो होकर रातभर पानी बहता रहा। विभाग के अधिकारी करीब तीन लाख लीटर पानी बहने का अनुमान लगा रहे हैं। दिया तले अंधेरा वाली कहावत जब चरितार्थ हुई जब पानी की बर्बादी के प्रति पूरा महकमा अनजान बना रहा। दैनिक भास्कर के जलमित्र महावीर उपाध्याय को पता चला तो उन्होंने एसई रामनिवास मीणा व एक्सईएन के.सी. मीणा को मौके पर ले जाकर हालात दिखाए। अब अधिकारियों ने मामले में लीपापोती करने के लिए कागजी घोड़े दौड़ाना शुरू कर दिया है।

हालात देखने के बावजूद एसई बोले- मुझे पता नहीं

एसई रामनिवास मीणा से भास्कर ने पानी की बर्बादी के बारे में पूछा, तो उनका कहना था कि यह एक्सईएन का काम है। आप एक्सईएन से ही इस मामले में बात कीजिए। पानी की बर्बादी की बात आपने ही बताई है। मुझे इस संबंध में पता नहीं है।

टेस्टिंग कर रहे हैं, असर तो होगा ही

होदायली बाण गंगा में नए ट्यूबवैल से पानी लाने की स्टेंडिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई नई चीज होती है, तो इसका फर्क पड़ता ही है। यह जान बूझकर करने वाली कार्रवाई नहीं है। ऐसा होता है, तो जरूर एक्शन लेते। फिर भी एईएन से रिपोर्ट मांगी है। तीन लाख लीटर पानी की बर्बादी पर पर्दा डालने की बात पर एक्सईएन बोले कि काली मिट्‌टी में कम पानी फैलने पर भी ज्यादा ही दिखाई देता है। -ओ.पी. शर्मा एक्सईएन

दौसा. जीएलआर टैंक ओवरफ्लो होने के बाद बहा पानी।

कार्यालय संवाददाता | दौसा

जलदाय विभाग के एसई कार्यालय में जीएलआर टैंक से गुरुवार रातभर पानी व्यर्थ बहता रहा। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सोता रहा। करीब तीन लाख लीटर पानी बर्बाद होने पर दैनिक भास्कर के जल मित्र ने एसई व एक्सईएन को मौके पर ले जाकर हालात से रूबरू कराया। अब इस मामले पर विभाग के एसई व एक्सईएन पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

होदायली बाण गंगा नलकूपों से दौसा शहर के लिए सप्लाई शुरू की गई थी। इस पानी को एसई कार्यालय परिसर में बने जीएलआर टैंक में संग्रहण किया जा रहा था, लेकिन कर्मचारी के सोने से टैंक ओवरफ्लो होकर रातभर पानी बहता रहा। विभाग के अधिकारी करीब तीन लाख लीटर पानी बहने का अनुमान लगा रहे हैं। दिया तले अंधेरा वाली कहावत जब चरितार्थ हुई जब पानी की बर्बादी के प्रति पूरा महकमा अनजान बना रहा। दैनिक भास्कर के जलमित्र महावीर उपाध्याय को पता चला तो उन्होंने एसई रामनिवास मीणा व एक्सईएन के.सी. मीणा को मौके पर ले जाकर हालात दिखाए। अब अधिकारियों ने मामले में लीपापोती करने के लिए कागजी घोड़े दौड़ाना शुरू कर दिया है।

हालात देखने के बावजूद एसई बोले- मुझे पता नहीं

एसई रामनिवास मीणा से भास्कर ने पानी की बर्बादी के बारे में पूछा, तो उनका कहना था कि यह एक्सईएन का काम है। आप एक्सईएन से ही इस मामले में बात कीजिए। पानी की बर्बादी की बात आपने ही बताई है। मुझे इस संबंध में पता नहीं है।

टेस्टिंग कर रहे हैं, असर तो होगा ही

होदायली बाण गंगा में नए ट्यूबवैल से पानी लाने की स्टेंडिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई नई चीज होती है, तो इसका फर्क पड़ता ही है। यह जान बूझकर करने वाली कार्रवाई नहीं है। ऐसा होता है, तो जरूर एक्शन लेते। फिर भी एईएन से रिपोर्ट मांगी है। तीन लाख लीटर पानी की बर्बादी पर पर्दा डालने की बात पर एक्सईएन बोले कि काली मिट्‌टी में कम पानी फैलने पर भी ज्यादा ही दिखाई देता है। -ओ.पी. शर्मा एक्सईएन

दौसा. मौके पर पहुंचे एसई व एक्सईएन।

हैंडपंप नकारा, टंकियां सूखी, ग्रामीण परेशान

भास्कर न्यूज़ | रामगढ़ पचवारा

पंचायत समिति लालसोट के हेमल्यावाला बिदरखा सोनड में व्याप्त पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

इस अवसर पर सरपंच बाबूलाल मुकेश हमीरपुरा उपसरपंच प्रह्लाद महावर कमलेश राकेश मीणा कालूराम रामप्रताप मोतीलाल श्रीराम अशोक कुमार लालू कोली सहित अनेक लोगों ने ज्ञापन में कहा है कि गांव में हैंडपंप नकारा पड़े हुए हैं। जल स्तर गिर जाने के कारण हैंडपंप पानी की जगह हवा फेंक रहे है। तथा जलदाय विभाग की पानी की टंकियां सूखी पड़ी है।

इसकेे कारण लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि पेयजल समस्या का निदान नहीं होने पर 21 मई से धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कार्रवाई करने की मांग की है।

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