क्षेत्र में ट्यूबवैल व हैंडपंप सूखने लगे हैं। दौसा पंचायत समिति क्षेत्र में एक दर्जन गांव व ढाणियों में लगे ट्यूबवैल सूखने से सात जनता जल योजनाएं बंद हैं। वहीं करीब दस फीसदी हैंडपंप भी सूख गए। इससे इन गांव व ढाणियों में पानी की समस्या गहरा गई हैं।
दौसा पंचायत समिति क्षेत्र में 29 ग्राम पंचायतों में 3383 हैंडपंप हैं। इनमें 370 हैंडपंप सूख गए। वहीं 609 हैंडपंप खराब हैं। इससे गांवों में पानी के लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ट्यूबवैल सूखने के कारण सात गांव व ढाणियों में जनता जल योजना बंद हैं। भेडोली रोड कुंडल, त्रिमूर्ति चौराहा स्कूल के पास व ब्राह्मण मोहल्ला काबलेश्वर, चालाना बालाजी रामपुरा महाराजपुरा, बोरोदा बस स्टैंड, बारोदा बंधे के पास व अटल सेवा केंद्र के सामने बिशनपुरा में जनता जल योजना बंद है। अधिकांश में ट्यूबवैल सूख गए। इससे गांव-ढाणियों में जीएलआर टंकियां खाली पड़ी हैं। इससे पेयजल संकट हो गया। ग्रामीणों ने पंचायत में अवगत करा दिया, लेकिन समस्या जस की तस हैं।
रजवास, कालोता व सिंडोली में नए ट्यूबवैल लगेंगे
क्षेत्र में रजवास, कालोता व सिंडोली में ट्यूबवैल लगाए जाएंगे। इन गांवों में ट्यूबवैल व पाइप लाइन के लिए 27 लाख रुपए की स्वीकृति हुई है। रजवासए कालोवाए सिंडोली में जीएलआर टंकी बनी हुई हैं। इनमें ट्यूबवैल सूख गए। अब और ट्यूबवैल लगाए जाएंगे। रजवास के लिए 10 लाख रुपए, कालोता के लिए 8 लाख रुपए व सिंडोली में ट्यूबवैल व पाइप लाइन के लिए 9 लाख रुपए की स्वीकृति हुई है। अब तीनों गांवों में एक-एक ट्यूबवैल लगेंगे तथा पाइप लाइन डलेगी। जलदाय विभाग के एईएन ऋषभ जैन ने बताया कि जल्द ही ट्यूबवैल लगाने का काम शुरू कराया जाएगा।
शहर में 21 हैंडपंप सूखे
दौसा शहर में 467 हैंडपंप हैं। इनमें 10 हैंडपंप नाकारा हो गए तथा 11 सूख गए। वहीं 147 एकल पाइंट लगे हुए हैं। इनमें अधिकांश खराब हैं। इसके चलते पानी की समस्या बढ़ रही है। जलदाय विभाग कार्यालय में रोजाना हैंडपंप खराब होने की 8-10 शिकायतें आ रही हैं।
टैंकरों के निर्देश
पंचायत समिति के विकास अधिकारी ललित कुमार यादव का कहना है कि खराब हैंडपंपों की मरम्मत की जा रही है। जिन गांवों में ट्यूबवैल सूखने से जनता जल योजनाएं बंद हैं। वहां टैंकरों से पानी की व्यवस्था करने के लिए विभाग को अवगत कराया।
शहर में 21 हैंडपंप सूखे
दौसा शहर में 467 हैंडपंप हैं। इनमें 10 हैंडपंप नाकारा हो गए तथा 11 सूख गए। वहीं 147 एकल पाइंट लगे हुए हैं। इनमें अधिकांश खराब हैं। इसके चलते पानी की समस्या बढ़ रही है। जलदाय विभाग कार्यालय में रोजाना हैंडपंप खराब होने की 8-10 शिकायतें आ रही हैं।
टैंकरों के निर्देश
पंचायत समिति के विकास अधिकारी ललित कुमार यादव का कहना है कि खराब हैंडपंपों की मरम्मत की जा रही है। जिन गांवों में ट्यूबवैल सूखने से जनता जल योजनाएं बंद हैं। वहां टैंकरों से पानी की व्यवस्था करने के लिए विभाग को अवगत कराया।