दौसा ग्रामीण | उत्तरप्रदेश के करीब एक दर्जन से अधिक किसानों ने करीब 150/200 बीघा भूमि 15/18 हजार रूपऐ किराए पर लेकर ककड़ी, खरबूजा, करेला, मतीरा, लोकी, कददू, खीरा,पंजाबी लोकी, सहित अनेक प्रकार के बाड़ी लगाई थी तथा करीब पांच माह से परिवार सहित कार्य में जुटे हुए थे।
पीड़ित अयूबखांन, मोहम्मद अली, सलीम, युसुफ, सहित अनेको किसानों ने बताया कि करीब पांच माह पहले 150 बीधा भूमि किराए पर लेकर बाडी लगाने के लिए कार्य शुरू किया गया था। प्रति बीघा भूमि में अच्छी आमदनी की आस में उधारी पर लेकर बाडी लगाए जाने पर 50 हजार रूपऐ बीघा खर्च कर दिया । जब बेलों पर अच्छी तरह से फल लगना शुरू हो गया तथा बाजार में अच्छा भाव मिल रहा था लेकिन अघोषित बिजली कटौती के साथ साथ अचानक तेज कड़ाके की गर्मी के चलते बेले पूरी तरह से सूखी गई है। अच्छी आमदनी होना तो दूर कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है । पीडि़तों ने बताया कि लाखों रूपऐ उधारी पर लेकर इस आस पर खर्च कर दिए कि अबकी बार बिक्री से अच्छी आमदनी तो होगी। साथ ही उधारी पर लिया पैसा चुका देंगे, लेकिन सिंचाई के अभाव में बेले सूख गई है। जिससे अच्छी आमदनी होना तो दूर उधारी पर पैसे चुकाने की चिंता सता रही है।