पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को एसडीएम व जिला परिषद के सीईओ को ज्ञापन देकर मनरेगा संविदा कार्मिकों के आंदोलन के समर्थन में तथा पंचायती राज के मंत्रालयिक कर्मचारियों के कैडर रिव्यू की मांग की। जिलाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने बताया कि मंत्रालयिक कर्मचारी एवं वर्षों से संविदा का दंश झेल रहे मनरेगा कार्मिकों को मानदेय पर 10 वर्षों से नियमितिकरण की बाट जोह रहे हैं। पंचायती राज की लंबित भर्तियों को पूर्ण कराने की मांग को लेकर संविदा कार्मिकों द्वारा 30 अप्रैल से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। पंचायती राज संस्थाओं में मंत्रालयिक संवर्ग के स्वीकृत पदों के विरुद्ध कैडर स्ट्रेंथ रिवाइज करने, कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 शेष रहे संपूर्ण पदों पर पुन: शीघ्र प्रारंभ करने साथ ही नरेगा कार्मिक संघ द्वारा एसएसआर भर्ती की मांग पर भी निर्णय किया जाए। गृह जिले में स्थानांतरण के संबंध में नियमों में व्यवस्था करने, अनुकंपात्मक नियुक्ति के तहत लगे कनिष्ठ लिपिकों को टंकण परीक्षा से राहत देने,मंत्रालयिक संवर्ग के संपूर्ण कैडर का पटवार जॉब चार्ट निर्धारित करने एवं अन्य समान संवर्ग के कार्मिकों के मध्य कार्य विभाजन समान शक्तियों एवं कर्तव्यों के साथ करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में महामंत्री बजरंग लाल गुर्जर, छुट्टनलाल मीणा, उमाशंकर पांडे, दिनेश शर्मा, राकेश बंशीवाल, राजेंद्र शर्मा, अरुण विजय,जगदीश सैनी आदि थे।
नारेबाजी कर जताया रोष
बांदीकुई |नरेगा कर्मचारी संघ के बैनर तले नरेगा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को पंचायत समिति परिसर में कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए रोष जताया। साथ ही मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल व धरने का निर्णय लिया। धरने पर मंत्रालयिक कर्मचारियों ने भी पहुंचकर नारेबाजी की। पंचायतीराज कनिष्ठ लिपिक व एसएसआर भर्ती 2013 को पुन: आरंभ करने की मांग को लेकर नरेगा कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं। कर्मचारियों ने यहां पंचायत समिति परिसर में धरना भी शुरु कर रखा है। आंदोलन के चलते शुक्रवार को कर्मचारियों ने मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मंत्रालयिक कर्मचारियों ने धरने पर पहुंचकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष पवन गुर्जर व ब्लाक अध्यक्ष बन्नाराम गुर्जर ने बताया कि मांगे पूरी नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।