बेरोजगारी किस कदर बढ़ रही है ये सब नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में देखने को मिला। सफाई कर्मचारी के बिना शैक्षणिक योग्यता वाले पद पर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं ने भी फार्म भरे। वहीं सामान्य और ओबीसी के युवाओं ने भी सफाई कर्मचारी बनने के लिए आवेदन किया। सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता नहीं है। भर्ती में केवल एक वर्ष के कार्य का अनुभव मांगा गया है। आमतौर पर सफाई कर्मचारी के पदों के लिए वाल्मीकि समाज के लोग ही आवेदन करते हैं लेकिन इस बार सफाई कर्मचारियों की भर्ती में अनुसूचित जाति के साथ सामान्य और ओबीसी के युवाओं में भी इन पदों को लेकर होड़ मची हुर्इ है।
सामान्य और ओबीसी वर्ग से आए 279 आवेदन
डीग नगर पालिका में सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया में सफाईकर्मियों के 56 पदों पर 865 आवेदन आए हैं। जिनमें सामान्य वर्ग से 27, ओबीसी से 252, एसटी से 15 और एससी (अनुसूचित जाति) से 571 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
बेरोजगारी से सफाई करना बेहतर : सामान्य वर्ग के युवा
सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में जनरल केटेगरी के 27 युवाओं ने सफाई कर्मचारी बनने के लिए आवेदन किया है। इन्होंने खुली भर्ती होने से बिना संकोच आवेदन करने के बाद के बाद कहा कि बेरोजगारी से तो सफाई करना ही बेहतर है। इसका मतलब यह नहीं कि वह गंदगी ही उठाएगा। अब सफाईकर्मी की परिभाषा बदल गई है।