डीग में मांढेरा रूंध से अलीपुर की पहाड़ियों तक पांच नाका क्षेत्रों में फैले वन क्षेत्र में 10 जल पाइंटों पर 30 अप्रैल और 1 मई को हुई वन्य जीव गणना में क्षेत्र में 34 फीसदी वन्य जीवों की वृद्धि प्रकृति प्रेमियों के लिए अच्छे संकेत हैं। डीग-भरतपुर मार्ग पर मांढेरा रूंध, श्याम ढाक, सदर, सेऊ से आदिबद्री अलीपुर पंसोपा खोह तक के पांच नाकों में दस जलस्रोतों के पाइंटों पर अलग-अलग वनकर्मियों की टीम द्वारा की गई। वन्य जीवों की गणना में 534 वन्य जीव मिले हैं जो गत साल के मुकाबले 136 अधिक हैं। इनमें सियार, जरख, जंगली बिल्ली, लोमड़ी, खरगोश, सेही, नीलगाय, मोर आदि वन्य जीव हैं।
क्षेत्रीय वन अधिकारी रामबाबू शर्मा और वनरक्षक गोरधन सिंह ने बताया कि यहां पर वन्य जीवों के लिए पानी की बेहतर व्यवस्था है। इन क्षेत्रों में जलीय पोखरें हैं जो अधिकांश समय पानी से लबालब रहती है। कई जगह सरोवर भी हैं। मई-जून में पोखरों में पानी घटता है लेकिन विभाग द्वारा मई-जून में टैंकरों से पानी की व्यवस्था की जाती है। डीग में मांढेरा रूंध, पूंछरी, सेऊ, खोह के साथ सदर डीग नाम से पांच वन नाके हैं। मांढेरा रूंध में हिरनाखुरी पर वन्य जीवों के लिए एक पोखर है जिसमे पूरे साल पानी की उपलब्धता रहती है। साथ ही इस क्षेत्र मे होम कैनाल से भी जीवो के लिये पानी है। खोह के अलीपुर आदिबद्री मे देव सरोवर, सदर डीग के पहाडताल पर बहताना वाली घटिया, सेऊ के नाहर देवी मन्दिर के साथ जड़खोर मे पानी की बेहतर व्यवस्था है। पूंछरी परिक्रमा मार्ग में भी सरोवर हैं।
वन्य जीवों के लिए पानी के पर्याप्त संसाधन मिलें तो क्षेत्र में पर्यटन को मिल सकता है बढ़ावा
डीग. आदिबद्री वन क्षेत्र में देव सरोवर पर रोजड़ा।
ये अब होगा कदम्ब वन अभ्यारण
मुख्यमंत्री बजट घोषणा में मांढेरा रूंध को कदम्ब वन अभ्यारण घोषित किया है। जिसमे डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुरूप दो चरणों में 5 करोड़ की लागत से ये रूंध का अभ्यारण की सूरत में बदलेगी। मांढेरा रूंध के कदम्ब वन अभ्यारण होने के बाद पूरे वन क्षेत्र में फैली जूली फ्लोरा को जड़ से नष्ट कर क्षेत्र मे वृक्षारोपण किया जाएगा। साथ ही बोरिंग, केटिल गार्ड, सोलर प्लांट के साथ क्षेत्र में धावन घास लगाई जाएगी। डीग से 7 किलोमीटर दूर डीग-भरतपुर सड़क मार्ग के दोनों तरफ 905 हैक्टेयर में मांढेरा रूंध के नाम से फैले इस वन मे पर पग-पग पर कंटीली झाड़ियों और हजारों वन्य जीवों की तादाद आज भी है।
डीग वन क्षेत्र मे वन्य जीवों की स्थिति
वर्ष 2017-18 : सियार - 164, जरख - 4, खरगोश - 19, जंगली बिल्ली - 11, सेही - 2, नीलगाय - 106, मोर - 92
वर्ष 2018-19 : सियार - 197, जरख - 8, खरगोश - 25, जंगली बिल्ली - 10, सेही - 3, नीलगाय - 188, मोर - 98, लोमड़ी - 3