असहाय की सेवा ही ईश्वर की पूजा: कौशल किशोर
असहाय, निर्बल, दीन-हीनों की सेवा ही ईश्वर की पूजा का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। जो बिना किसी आशा के परमात्मा के ऐसे बंदों की मदद करता है उनके घावों पर मरहम लगाता है। उसकी ये नेकियां उस पर आने वाली मुसीबतों के सामने दीवार बनकर खड़ी हो जाती हैं।
प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है कि वह अपने जीवन में ऐसा नेक काम करके अवश्य जाए कि आने वाली पीढ़ियां उसके इन कामों के लिए उससे प्रेरणा ले सकें व उसे याद रखें। यह बात रविवार को कस्बे के हिंदी पुस्तकालय में अपना घर सेवा समिति डीग की नवीन कार्यकारिणी के दायित्व ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते स्वामी कौशल किशोर महाराज ने कही। प्रारंभ में सभी अतिथियों को अपना घर सेवा समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मानसिंह यादव के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया।
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एनपी सिंह ने अपना घर द्वारा देशभर में निर्बल, असहाय, लावारिस, बीमार, मंदबुद्धि व अपने ही लोगों द्वारा त्याग दिए गए लोगों के इलाज रहने-सहने व पुनर्वास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी देते समाज के सभी वर्गाें के लोगों से ऐसे पुण्य काम अपना योगदान देने का आह्वान किया। संस्थापिका डाॅ माधुरी भारद्वाज ने अपना घर की स्थापना के इतिहास, वर्तमान में संचालित सेवा कार्यों व इस दिशा में लोगों द्वारा दिए जा रहे योगदान के बारे में प्रकाश डालते कहा कि संसार में उन्हीं लोगों का जीवन सफल है जो किसी दूसरे के दुखदर्द में काम आएं। इस मौके पर अपनाघर सेवा संस्थान डीग की नवीन कार्यकारिणी में अध्यक्ष मानसिंह यादव, सचिव रमेशचंद शर्मा, वित्त सचिव चंद्रभान गुप्ता, उपसचिव सुभाष चंद शर्मा व सदस्य रामस्वरूप खंडेलवाल, राघवेन्द्र सिंह, अनिल गुप्ता, लता शर्मा, धर्मवीर सिंह एडवोकेट व ओमप्रकाश कौशिक को मुख्य अतिथि द्वारा दायित्व ग्रहण कराते हुए इस पुनीत कार्य में अधिक से अधिक लोगों की भागेदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस मौके पर पूर्व सैनिक संघ के जिलाध्यक्ष कर्नल हरीसिंह, मदनलाल, रतनेशकुमार, दाऊदयाल गंधी, नंदलाल गुप्ता, दाऊदयाल नसवारिया, जगदीश यादव, अमरनाथ गुप्ता, उपसरपंच पंकज शर्मा सहित कस्बे के प्रमुख लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम
डीग में अपना घर सेवा समिति के हुए दायित्व ग्रहण समारोह में बोले स्वामी
डीग. अपनाघर सेवा समिति की नवीन कार्यकारिणी को दायित्व ग्रहण कराते हुए मुख्यअतिथि।