सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक ने बताया कि समर्थन मूल्य पर सरसों, चना एवं गेहूं की 5 लाख 23 हजार टन खरीद कर किसानों को 1 हजार 59 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर सरसों, चना एवं गेहूं की खरीद का कार्य तेजी से किया जा रहा है और अब तक 1 लाख 78 हजार 546 किसानों से 1 हजार 991 करोड़ रुपए मूल्य की 5 लाख 23 हजार मै. टन की खरीद की जा चुकी है। लहसुन की उपज लेने वाले किसानों से बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीद की जा रही है और अब तक 15 केंद्रों के माध्यम से 12 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक मूल्य के लहसुन की खरीद की जा चुकी है। 96 हजार 217 किसानों को उनकी उपज के समर्थन मूल्य पर बेचान के लिए 1 हजार 59 हजार करोड़ रुपए का भुगतान उनके पंजीकृत बैंक खातों में ऑनलाइन कर दिया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को उनकी उपज तुलाई के 7 से 10 दिनों में भुगतान कर दिया जाए। मंत्री किलक ने बताया कि किसानों की सहूलियत के लिए प्रदेश में रिकॉर्ड 524 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं। अब तक 5 लाख 29 हजार 582 किसानों ने अपनी उपज को बेचने के लिए पंजीयन कराया है।
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चने की खरीद के लिए भी प्रदेशभर में बनाए गए 191 खरीद केंद्र, सहकारिता मंत्री बोले -
भास्कर संवाददाता | डेगाना
सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक ने बताया कि समर्थन मूल्य पर सरसों, चना एवं गेहूं की 5 लाख 23 हजार टन खरीद कर किसानों को 1 हजार 59 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर सरसों, चना एवं गेहूं की खरीद का कार्य तेजी से किया जा रहा है और अब तक 1 लाख 78 हजार 546 किसानों से 1 हजार 991 करोड़ रुपए मूल्य की 5 लाख 23 हजार मै. टन की खरीद की जा चुकी है। लहसुन की उपज लेने वाले किसानों से बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीद की जा रही है और अब तक 15 केंद्रों के माध्यम से 12 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक मूल्य के लहसुन की खरीद की जा चुकी है। 96 हजार 217 किसानों को उनकी उपज के समर्थन मूल्य पर बेचान के लिए 1 हजार 59 हजार करोड़ रुपए का भुगतान उनके पंजीकृत बैंक खातों में ऑनलाइन कर दिया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को उनकी उपज तुलाई के 7 से 10 दिनों में भुगतान कर दिया जाए। मंत्री किलक ने बताया कि किसानों की सहूलियत के लिए प्रदेश में रिकॉर्ड 524 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं। अब तक 5 लाख 29 हजार 582 किसानों ने अपनी उपज को बेचने के लिए पंजीयन कराया है।
80 हजार 788 किसानों से खरीदा सरसों
सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक ने बताया कि सरसों के लिए 223 खरीद केंद्र बनाकर 80 हजार 788 किसानों से 880 करोड़ 31 लाख रुपए मूल्य की 2 लाख 20 हजार मैट्रिक टन से अधिक की खरीद की जा चुकी है। इसी प्रकार चने के लिए बनाए गए 191 खरीद केंद्रों पर 86 हजार 212 किसानों से 945 करोड़ 75 लाख रुपए मूल्य का 2 लाख 14 हजार 900 मै. टन से अधिक चना तथा गेहूं के लिए बनाए गए 95 खरीद केंद्रों पर 10 हजार 417 किसानों से 152 करोड़ 56 लाख रुपए मूल्य का 87 हजार 932 मै. टन गेहूं खरीदा जा चुका है। प्रदेश में लहसुन के लिए 15 खरीद केंद्र बनाए गए हैं और अब तक 1 हजार 129 किसानों से 12 करोड़ 75 लाख रुपए मूल्य का 3 हजार 915 मैट्रिक टन लहसुन की खरीद की गई है।
प्रदेश में कुल 90 दिन तक चलेगी खरीद प्रक्रिया
प्रदेश में खरीद 90 दिनों तक चलेगी और भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्यों के अनुसार प्रदेश के किसानों से 8 लाख मै. टन सरसों एवं 4 लाख मै. टन चना की खरीद की जाएगी। अब तक 2 लाख 80 हजार 571 किसानों को उपज तुलाई के लिए तिथि आवंटित कर दी हैं और शेष किसानों को शीघ्र ही तिथि आवंटित की जा रही है। मंत्री किलक ने बताया कि हमारा प्रयास है कि समर्थन मूल्य पर खरीद का अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिले, इसके लिए प्रयासरत है।