गत वर्ष मई के पहले सप्ताह में डेगाना-रतनगढ़ के रास्ते जोधपुर से दिल्ली सराय रोहिल्ला जाने वाली ट्रेन संख्या 22481/82 को सप्ताह में दो दिन की जगह प्रतिदिन चलाना तय किया गया था। उस दिन रेलमंत्री ने दिल्ली से तो केंद्रीय राज्यमंत्री सीआर चौधरी व जोधपुर सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत ने जोधपुर स्टेशन पर झंडी दिखाकर पहला नियमित फेरा शुरू किया था। उसी दिन से यह ट्रेन पहले औसत दस घंटे और अब चार से पांच घंटे की देरी से चलती है। यात्री भी शिकायत कर थक चुके हैं। अब इस ट्रेन की लेटलतीफी को लेकर राज्यमंत्री चौधरी ने रेलवे से बात की है तो उन्हें भी आश्वासन दिया गया है कि इस ट्रेन को टाइम पर चलाया जाएगा। यह वही आश्वासन है, जो गत वर्ष सितंबर में सांसद से केंद्रीय राज्यमंत्री बनने पर गजेंद्रसिंह शेखावत को दिया गया था।
मगध एक्स. से लिंक किया, देरी का सिलसिला जारी
दरअसल, रेलवे ने जोधपुर-सराय रोहिल्ला ट्रेन को नियमित करने के लिए इसे दिल्ली व इस्लामपुर के बीच चलने वाली ट्रेन मगध एक्सप्रेस से लिंक कर दिया था। इस्लामपुर वाली ट्रेन हमेशा देरी से ही चलती थी, इससे जोधपुर की ट्रेन भी लेटलतीफी का पर्याय बन गई।
ट्रेन को दिल्ली तक ही चलाने की रेलवे बोर्ड ने दी सैद्धांतिक स्वीकृति
अब दो दिन पहले उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन के मुख्यालय जयपुर में जोन क्षेत्र के सांसदाें व राज्यसभा सदस्यों के साथ रेलवे की मंडलीय बैठक में इस बार केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी ने इस ट्रेन के अनवरत देरी से चलने का मुद्दा उठाया। बताया गया कि इस ट्रेन को दिल्ली तक ही चलाने की रेलवे बोर्ड ने सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है, इससे ट्रेन समय पर चलने लगेगी। इस ट्रेन के देरी से चलने का सिलसिला कायम है। यह ट्रेन दिल्ली से देरी से आने के कारण जोधपुर से रविवार को सवा तीन घंटे और सोमवार को सवा दो घंटे के विलंब से रवाना हो सकी।
एक माह पहले आदेश, पालना नहीं
जोधपुर-सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस को मगध एक्सप्रेस से अलग करने के उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन के प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड ने 27 मार्च को ही मंजूरी दे दी थी। रेलवे बोर्ड ने जोन से यह भी कहा था कि दोनों ट्रेनों को अलग करने की तारीख से बोर्ड को अवगत करवाया जाए। इसके साथ बोर्ड ने जोन से मगध एक्सप्रेस के दो रैक भी वापस मांगे थे, जो लौटाए नहीं गए हैं इसलिए यात्रियों को ट्रेन में देरी की दिक्कत का सामना करना ही पड़ेगा। रेलवे के प्रवक्ता तरूण जैन का कहना है कि ट्रेनों को अलग उत्तर रेलवे को करना है, उम्मीद है कि जल्द ही यह कार्य हो जाएगा।
आश्वासन मिलने के बाद, लेटलतीफी कम नहीं हुई
यात्रियों की शिकायत पर रेलवे ने कोई ध्यान नहीं दिया। सितंबर 2017 में सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत केंद्रीय राज्यमंत्री बनने के बाद इसी ट्रेन से पहली बार जोधपुर लौटे। उन्होंने ट्रेन की देरी देख रेलमंत्री से बात की। जवाब मिला कि देरी का अध्ययन कर इसे समय पर चलाया जाएगा। इस बात को नौ माह बीत गए।