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46 साल बाद अक्षय तृतीया पर बाबा वैद्यनाथ का हुआ महाशृंगार

3 वर्ष पहले
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बुधवार की शाम अक्षय तृतीया पर 46 साल बाद मंदिर महंत सदुपाध्याय सरदार पंडा अजीतानंद ओझा ने बाबा बैजनाथ का महाश्रृंगार किया। महा शृंगार के अलौकिक क्षण को देखने के लिए सैकड़ों लोग बाबा मंदिर के गर्भ गृह में मौजूद थे। महा श्रृंगार में गंगाजल, मित्र चंदन लेप के बाद बाबा बैजनाथ का महा श्रृंगार किया गया। 1969 में नौवें सरदार पंडा भवप्रीतानंद ओझा की मृत्यु के बाद से ही महा श्रृंगार बंद था, दसवें सरदारपंडा के रूप में अजीत आनंद ओझा की ताजपोशी होने के बाद बुधवार को 46 साल बाद बाबा पुन: इस परंपरा की शुरुआत हुई। जिससे देवघरवासियों में उत्साह है। प्राचीन काल से ही अक्षय तृतीया के दिन मंदिर महंत सरदारपंडा के द्वारा बाबा का महा श्रृंगार किया जाता था। इस महा शृंगार में अधिकांश लोग ऐसे थे जो पहली बार महा शृंगार के दर्शन करे थे। महा शृंगार कार्यक्रम में संयुक्त बिहार के पूर्व मंत्री केएन झा,एसपी नरेंद्र कुमार सिंह दर्शन करने पहुंचे। वहीं पंडा धर्म रक्षिणी सभा द्वारा संचालित दैनिक महाआरती के पहली वर्षगांठ पर बुधवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाबा मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। साथ ही झारखंड बैजनाथ ज्योतिर्लिंग प्रमाणों की कसौटी पर लिखित पुस्तक का विमोचन किया गया। बीते साल अक्षय तृतीया के दिन ही धर्म रक्षिणी सभा के द्वारा दैनिक महाआरती की शुरुआत की गई थी एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बुधवार को सभा के द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया। अक्षय तृतीया पर बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की कतार लगनी शुरू हो गई।

अक्षय तृतीया पर बाबा वैद्यनाथ के महा शृंगार पूजा करते सरदार पंडा व अन्य पंडित।

लोगों को शरबत पिलाते मंदिर के पंडा।

भास्कर न्यूज|देवघर

बुधवार की शाम अक्षय तृतीया पर 46 साल बाद मंदिर महंत सदुपाध्याय सरदार पंडा अजीतानंद ओझा ने बाबा बैजनाथ का महाश्रृंगार किया। महा शृंगार के अलौकिक क्षण को देखने के लिए सैकड़ों लोग बाबा मंदिर के गर्भ गृह में मौजूद थे। महा श्रृंगार में गंगाजल, मित्र चंदन लेप के बाद बाबा बैजनाथ का महा श्रृंगार किया गया। 1969 में नौवें सरदार पंडा भवप्रीतानंद ओझा की मृत्यु के बाद से ही महा श्रृंगार बंद था, दसवें सरदारपंडा के रूप में अजीत आनंद ओझा की ताजपोशी होने के बाद बुधवार को 46 साल बाद बाबा पुन: इस परंपरा की शुरुआत हुई। जिससे देवघरवासियों में उत्साह है। प्राचीन काल से ही अक्षय तृतीया के दिन मंदिर महंत सरदारपंडा के द्वारा बाबा का महा श्रृंगार किया जाता था। इस महा शृंगार में अधिकांश लोग ऐसे थे जो पहली बार महा शृंगार के दर्शन करे थे। महा शृंगार कार्यक्रम में संयुक्त बिहार के पूर्व मंत्री केएन झा,एसपी नरेंद्र कुमार सिंह दर्शन करने पहुंचे। वहीं पंडा धर्म रक्षिणी सभा द्वारा संचालित दैनिक महाआरती के पहली वर्षगांठ पर बुधवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाबा मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। साथ ही झारखंड बैजनाथ ज्योतिर्लिंग प्रमाणों की कसौटी पर लिखित पुस्तक का विमोचन किया गया। बीते साल अक्षय तृतीया के दिन ही धर्म रक्षिणी सभा के द्वारा दैनिक महाआरती की शुरुआत की गई थी एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बुधवार को सभा के द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया। अक्षय तृतीया पर बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की कतार लगनी शुरू हो गई।

अक्षय तृतीया पर लोगों ने किया अपने पितरों को घट दान

देवघर। अक्षय तृतीया के अवसर पर बुधवार को पितृहीन लोगों ने अपने पूर्वजों की प्यास बुझाने को लेकर कुल पुरोहितों से घट दान कराया। पितृहीन लोगों ने अपने कुल पुरोहित से मंत्रोच्चार के साथ घट, वस्त्र, पंखा, सत्तू आदि का दान कर पितरो प्यास बुझाई। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बैशाख मास में अपने पूर्वजों की प्यास बुझाने को लेकर घट दान किया जाता है, जिससे पितृ लोगों को पानी मिलता है वैशाख माह के अक्षय तृतीया के दिन घटदान का विशेष महत्व माना जाता है।

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