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महिला बंदियों को स्वावलंबी बनाने के लिए मिलेगा प्रशिक्षण

3 वर्ष पहले
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महिला बंदियों को संबोधित करते डीसी व मंचासीन अन्य अधिकारी।

भास्कर न्यूज|देवघर

देवघर उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में को केन्द्रीय कारा देवघर में महिला बंदियों को स्वावलंबी बनाने के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मौके पर कारागार पुस्तकालय में उपस्थित सभी महिलाओं को संबोधित करते हुए डीसी ने कहा कि हमें अपने समय का सदुपयोग विभिन्न विधाओं को सीखने में करना चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग जीवन निर्वाह के लिए किया जा सके।

साथ हीं उन्होंने कहा कि वो सभी कारागार में अपने समय का सदुपयोग सिलाई-बुनाई सीखने, अगरबत्ती, मोमबत्ती बनाने आदि का प्रशिक्षण लेने में व उसका उत्पादन करने में करें। इसके तहत उत्पादित वस्तुओं के विक्रय के लिए जिला प्रशासन द्वारा बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान हर किसी को अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित का मौका नहीं देता है। ऐसे में यदि आपको ये मौका मिला है तो उसका सदुपयोग करें एवं समाज में अपनी पहचान बनाए। साथ ही उन्होंने जेएसएलपीएस एवं आरसीटीएस के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके माध्यम से समाज के भटके हुए लोगों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने में काफी मदद मिल रही है, जो कि वास्तव में सराहनीय है। उपायुक्त ने अगरबत्ती बनाने की सामाग्री, विधि आदि की जानकारी ली एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से जेल का मुआयना किया गया।

मौके पर उपस्थित उप-विकास आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि ये सभी गतिविधिया उनके बेहतरी के लिए हीं है, ताकि वे अच्छे कामों में अपना समय व्यतीत कर सके। इससे उनके खाली पड़े समय का सदुपयोग तो होगा हीं साथ हीं प्रशिक्षण के माध्यम से उनके कौशल का भी विकास हो पाएगा। वहीं जेल अधीक्षक कुमार चन्द्रशेखर द्वारा कहा गया कि इस प्रकार के गतिविधियों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य यहां रहने वाले लोगों को इन चीजों का प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाना है। इस मौके पर उपरोक्त के अलावा लीड डिस्ट्रीक्ट मैनेजर, जेएसएलपीएस एवं आरसीटी के निदेशक आदि उपस्थित थे।

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