अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा बीते दिनों दिए गए फैसले के विरोध में सोमवार को समाहरणालय परिसर के बाहर अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कई संगठन राजनीतिक दल ने धरना दिया। जिसमें एससी-एसटी कानून में किए गए संशोधन के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया।
धरना में सभी लोगों ने एक स्वर में सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि न्यायालय का यह निर्णय हमारे अधिकारों को दबाने वाला है। इसके लिए जोरदार आंदोलन किया जाएगा। धरना के समाप्ति के बाद अपनी मांगों को लेकर मोर्चा द्वारा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांग की गई कि अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में किए गए संशोधन को वापस लेते हुए इस कानूनी अधिकार को यथावत पूर्व की भांति रखा जाए। मौके पर जेएमएम के निर्मला भारती पूर्व विधायक कामेश्वर दास सहित कई राजनीतिक दलों के नेता एवं जनजाति संघर्ष मोर्चा के सदस्य मौजूद थे।
अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति संघर्ष मोर्चा ने धरना देकर जताया विरोध
धरना पर बैठे अनुसूचित जाति व जनजाति संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ता।